Bihar Aviation Policy: बिहार में हवाई सेवाओं को नई उड़ान देने के लिए राज्य सरकार एक महत्वाकांक्षी एविएशन पॉलिसी तैयार कर रही है। इस नीति का मुख्य लक्ष्य न केवल हवाई सफर की सुविधाओं को बढ़ाना है, बल्कि विमानों की मरम्मत, उनकी देखभाल (एमआरओ) और पायलटों को प्रशिक्षण देने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को भी राज्य में ही विकसित करना है। यह कदम बिहार को विमानन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव लाएगा।
इस महत्वपूर्ण योजना को आकार देने के लिए गुरुग्राम की प्रतिष्ठित कंपनी KPMG India Services LLP को सलाहकार नियुक्त किया गया है। कंपनी को इस नीति के निर्माण में सहायता करने के लिए 86.17 लाख रुपये का शुल्क दिया जाएगा। यह नीति राज्य में विमानन संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की नींव रखेगी।
सोनपुर और अजगैबीनाथ में बनेंगे नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट
नई Bihar एविएशन पॉलिसी में सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में नए एयरपोर्ट बनाने की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार इन ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं के संभावित लाभों और उनके माध्यम से विमानन से जुड़े अन्य व्यवसायों को कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है, इसका गहन अध्ययन करेगी। इसके साथ ही, राज्य में पहले से मौजूद एयरपोर्ट का अधिकतम और बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के तरीकों पर भी विचार किया जा रहा है। निजी कंपनियों को इस क्षेत्र में निवेश के लिए आकर्षित करने के नए रास्ते तलाशे जाएंगे।
विमान मरम्मत के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता होगी खत्म
वर्तमान में, बिहार को विमानों की बड़ी मरम्मत और उनकी नियमित देखभाल के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता है। बिहार सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में राज्य के भीतर ही ऐसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएं। इससे न केवल विमानन कंपनियों को स्थानीय स्तर पर मदद मिलेगी, बल्कि बिहार में नए उद्योग और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इस योजना के तहत पहले एक विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा, जिसमें उन सुविधाओं की पहचान की जाएगी जिन्हें शुरू किया जा सकता है और उनके विकास के लिए आवश्यक संसाधनों का आकलन किया जाएगा।
छोटे शहरों में हवाई सेवाओं का विस्तार
केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत बिहार के कई छोटे शहरों जैसे मुजफ्फरपुर, बीरपुर, वाल्मीकिनगर और सहरसा में एयरपोर्ट विकसित करने का काम चल रहा है। नई एविएशन पॉलिसी में इन एयरपोर्ट का प्रभावी ढंग से उपयोग करने और वहां हवाई सेवाओं को बढ़ाने के उपायों पर भी गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इन सुविधाओं का सर्वोत्तम तरीके से इस्तेमाल हो और स्थानीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिले।
निवेश और रोजगार के खुलेंगे नए द्वार
बिहार सरकार विमानन क्षेत्र को राज्य में निवेश और रोजगार के एक बड़े स्रोत के रूप में देख रही है। यदि विमानों की मरम्मत, पायलट प्रशिक्षण और अन्य सहायक सुविधाएं बिहार में स्थापित होती हैं, तो इससे हजारों नए रोजगार पैदा होंगे। राज्य के युवाओं को प्रशिक्षण और नौकरी के अनमोल अवसर मिलेंगे, जिससे उनकी आजीविका में सुधार होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। नई नीति के अंतिम रूप लेते ही, यह स्पष्ट हो जाएगा कि किन क्षेत्रों पर अधिक जोर दिया जाएगा और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे।







