Darbhanga Excise Act: शराबबंदी कानून के उल्लंघन पर दरभंगा में न्यायपालिका ने सख्त रुख अपनाया है। महज 30 दिनों के भीतर उत्पाद के द्वितीय विशेष न्यायाधीश रंजन कुमार मिश्रा की अदालत ने 184 अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। यह कार्रवाई पिछले सितंबर माह में दर्ज मामलों में की गई है, जो उत्पाद अधिनियम के तहत आती हैं।
विशेष न्यायाधीश रंजन कुमार मिश्रा ने इन सभी आरोपियों को 3 लाख 64 हजार रुपये का अर्थदंड राज्यकोष में जमा करने का आदेश दिया। अर्थदंड जमा करने के बाद सभी 184 अभियुक्तों को रिहा कर दिया गया। इस त्वरित न्याय प्रक्रिया से उत्पाद अधिनियम के सख्त क्रियान्वयन का संदेश दिया गया है।
उत्पाद अधिनियम के स्पेशल एपीपी हेमंत कुमार ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कोर्ट ने एक अभियुक्त को छोड़कर बाकी सभी को जुर्माने के बाद मुक्त कर दिया। कलिगांव निवासी मुकेश साह ने अर्थदंड जमा नहीं किया, जिसके कारण उन्हें एक माह के कारावास की सजा सुनाई गई है। यह दर्शाता है कि कानून का पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और उत्पाद पुलिस ने इन सभी 184 आरोपियों को शराब का सेवन करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद इन्हें न्यायालय में पेश किया गया था, जहां त्वरित सुनवाई के बाद यह फैसला आया। यह घटनाक्रम बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस फैसले से उन लोगों को स्पष्ट चेतावनी मिली है जो उत्पाद अधिनियम का उल्लंघन करने की सोच रहे हैं। प्रशासन और न्यायपालिका दोनों ही शराबबंदी को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध दिख रहे हैं, जिसका सीधा असर राज्य में कानून-व्यवस्था पर पड़ेगा।







