Delhi PUC Rule: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरे को देखते हुए एक बड़ा फैसला लागू हो गया है। गुरुवार से ‘पीयूसी नहीं, तो ईंधन नहीं’ नियम प्रभावी हो गया है, जिसका सीधा असर लाखों वाहन चालकों पर पड़ रहा है। अब बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) वाले वाहनों को पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा।
सर्दी के मौसम की शुरुआत के साथ ही दिल्ली में वायु गुणवत्ता का स्तर तेजी से बिगड़ने लगता है। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने यह कड़ा कदम उठाया है। इस नियम के लागू होने के बाद से पेट्रोल पंपों पर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि कोई भी वाहन बिना पीयूसी के ईंधन न ले सके।
पेट्रोल-डीजल के लिए अनिवार्य हुआ PUC
इस नई व्यवस्था के तहत, जिन वाहनों के पास वैध पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें किसी भी कीमत पर पेट्रोल या डीजल उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। यह नियम दिल्ली की हवा को स्वच्छ रखने और प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों ने सभी पेट्रोल पंपों को इस आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
पीयूसी सर्टिफिकेट की मांग में 50% की बढ़ोतरी
नियम लागू होते ही पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाने वाले लोगों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। आंकड़ों के अनुसार, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र जारी कराने के मामलों में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वाहन मालिक अब अपने सर्टिफिकेट बनवाने के लिए विभिन्न केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, ताकि उन्हें ईंधन भरवाने में कोई परेशानी न हो। यह कदम वायु प्रदूषण से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है, जिससे दिल्ली के पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद मिल सकेगी।







