UP MLC Election: उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों पर होने वाले चुनाव को बीजेपी ने 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ी सियासी परीक्षा के तौर पर लिया है। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन सभी 11 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जिसमें पांच ब्राह्मण चेहरों को खास तवज्जो दी गई है। पार्टी की इस सूची में सिर्फ पुराने संगठनात्मक चेहरों के बजाय उन उम्मीदवारों को तरजीह मिली है, जिनका शिक्षक संगठनों में मजबूत जुड़ाव है, चुनावी अनुभव है और अपने क्षेत्र में व्यक्तिगत पकड़ है।
बीजेपी ने टिकट बंटवारे में सामाजिक समीकरणों के साथ-साथ उम्मीदवार की स्थानीय पहचान और चुनावी क्षमता को भी महत्व दिया है। पार्टी की पूरी सूची में सबसे अधिक पांच उम्मीदवार ब्राह्मण समाज से हैं। इनमें वाराणसी शिक्षक सीट से डॉ. प्रमोद मिश्रा, आगरा शिक्षक सीट से इंजीनियर हरिकिशोर तिवारी, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट से ध्रुव त्रिपाठी, लखनऊ शिक्षक सीट से उमेश द्विवेदी और मेरठ शिक्षक सीट से श्रीचंद शर्मा के नाम शामिल हैं। बाकी सीटों पर विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
बीजेपी की रणनीति यह साफ दिखाती है कि पार्टी सिर्फ संगठन के भरोसे चुनाव लड़ने के बजाय ऐसे उम्मीदवारों को भी मैदान में उतार रही है, जिनका संबंधित मतदाता वर्ग के बीच पहले से ही मजबूत नेटवर्क है। यह कदम 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों का एक महत्वपूर्ण संकेत है।
इन चुनावों का मतदाता वर्ग विधानसभा चुनावों से काफी अलग होता है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में आम मतदाता मतदान नहीं करते, बल्कि निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी करने वाले पंजीकृत शिक्षक और स्नातक ही वोट डालते हैं। ऐसे में, उम्मीदवार की व्यक्तिगत पहचान, शिक्षक संगठनों में उनकी पकड़ और मतदाताओं के साथ सीधा संपर्क निर्णायक साबित होता है।
बीजेपी के सभी 11 उम्मीदवार और उनकी सीटें
| उम्मीदवार का नाम | सीट का नाम | वर्ग |
|---|---|---|
| डॉ. प्रमोद मिश्रा | वाराणसी शिक्षक सीट | शिक्षक |
| इंजीनियर हरिकिशोर तिवारी | आगरा शिक्षक सीट | शिक्षक |
| ध्रुव त्रिपाठी | गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट | शिक्षक |
| उमेश द्विवेदी | लखनऊ शिक्षक सीट | शिक्षक |
| श्रीचंद शर्मा | मेरठ शिक्षक सीट | शिक्षक |
| अवनीश कुमार सिंह | लखनऊ स्नातक सीट | स्नातक |
| डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह | आगरा स्नातक सीट | स्नातक |
| डॉ. हरि सिंह ढिल्लों | बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट | शिक्षक |
| केदारनाथ सिंह | वाराणसी स्नातक सीट | स्नातक |
| दिनेश गोयल | मेरठ स्नातक सीट | स्नातक |
| अशोक कुमार राठौर | इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट | स्नातक |
यह सूची बीजेपी की गहरी जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश को दर्शाती है, खासकर उन सीटों पर जहां व्यक्तिगत प्रभाव संगठन से अधिक मायने रखता है।
पुराने चेहरों पर भी पार्टी का भरोसा
बीजेपी ने कुछ सीटों पर नए चेहरों को मौका दिया है, लेकिन पुराने और अनुभवी एमएलसी पर भी अपना भरोसा कायम रखा है। लखनऊ स्नातक सीट से अवनीश कुमार सिंह, आगरा स्नातक से डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट से डॉ. हरि सिंह ढिल्लों, लखनऊ शिक्षक सीट से उमेश द्विवेदी और मेरठ शिक्षक सीट से श्रीचंद शर्मा को पार्टी ने फिर से मैदान में उतारा है। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट से मौजूदा एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी को भी दोबारा मौका मिला है, जो लगातार तीन कार्यकाल से इस सीट पर जीत दर्ज कर रहे हैं।
शिक्षक और स्नातक मतदाताओं पर सीधा फोकस
इन चुनावों में बीजेपी के सामने केवल जातीय समीकरण साधने की चुनौती नहीं है, बल्कि शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच भर्ती, रोजगार, शिक्षा व्यवस्था, विश्वविद्यालयों से जुड़े सवाल और शिक्षक संगठनों की मांगों जैसे मुद्दे भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। यही कारण है कि पार्टी ने ऐसे चेहरों को मैदान में उतारा है, जिनकी इन वर्गों में पहले से ही पहचान और स्वीकार्यता है। उम्मीदवारों का व्यक्तिगत संपर्क और स्थानीय संगठन की सक्रियता इन सीटों पर चुनावी मुकाबले को सीधे तौर पर प्रभावित करेगी।
विधान परिषद चुनाव का पूरा कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश की इन 11 विधान परिषद सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर 2026 को होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को की जाएगी। इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर तय की गई है और नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी। ये चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के लिए शिक्षक और स्नातक वर्ग के बीच अपनी संगठन की पकड़ और उम्मीदवारों की व्यक्तिगत स्वीकार्यता को परखने का महत्वपूर्ण अवसर हैं।







