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Owaisi UP Alliance यूपी में भाजपा को रोकने के लिए ओवैसी का बड़ा दांव! सपा, बसपा, कांग्रेस किसी से भी हाथ मिलाने को तैयार?

Owaisi UP Alliance: असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले अपनी पार्टी के लिए गठबंधन के रास्ते खोल दिए हैं। उन्होंने साफ किया कि उनका मकसद भाजपा को तीसरी बार सत्ता में आने से रोकना है, जिसके लिए वे किसी भी दल के साथ जा सकते हैं।

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Owaisi UP Alliance: असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा राजनीतिक दांव चला है। गुरुवार को एआईएमआईएम प्रमुख ने घोषणा की कि उनकी पार्टी अन्य राजनीतिक दलों के साथ चुनावी गठबंधन के लिए तैयार है। दिल्ली से जारी इस बयान में ओवैसी ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य भाजपा को तीसरी बार उत्तर प्रदेश की सत्ता में आने से रोकना है।

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘हमारी पार्टी उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले अन्य राजनीतिक दलों के साथ चुनावी गठबंधन के लिए तैयार है। हम यूपी में भाजपा की तीसरी बार सत्ता में वापसी नहीं चाहते।’

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ओवैसी के इस बयान ने आगामी चुनावों की सरगर्मियां बढ़ा दी हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस जैसे प्रमुख विपक्षी दलों के लिए भी गठबंधन के दरवाजे खुले रखे हैं। उनका मानना है कि भाजपा को रोकने के लिए कोई भी समझौता स्वीकार्य है।

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एआईएमआईएम की चुनावी रणनीति

एआईएमआईएम प्रमुख ने यह भी बताया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश के चुनावों में पूरी ताकत और प्रतिबद्धता के साथ लड़ेगी। यह कदम भाजपा विरोधी वोटों को एकजुट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है, खासकर मुस्लिम बहुल सीटों पर। ओवैसी का यह प्रस्ताव उन दलों के लिए भी विचारणीय हो सकता है, जो अकेले भाजपा का मुकाबला करने में कमजोर महसूस कर रहे हैं।

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बिहार का अनुभव और बिहार में सीटों की मांग

इस संदर्भ में ओवैसी ने बिहार के पिछले विधानसभा चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय एआईएमआईएम ने सिर्फ छह सीटों की मांग की थी। यह बात दर्शाता है कि उनकी पार्टी गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर लचीला रुख अपना सकती है, बशर्ते मुख्य लक्ष्य भाजपा को सत्ता से बाहर रखना हो। राजनीतिक विश्लेषक इस कदम को उत्तर प्रदेश में एक नई राजनीतिक समीकरण के जन्म के रूप में देख रहे हैं।

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