Bihar Statistical Volunteers: मनोज कुमार झा दरभंगा। बिहार के हजारों सांख्यिकी स्वयंसेवकों को एक लंबे इंतजार के बाद अब रोजगार की नई उम्मीद मिली है। लगभग एक दशक तक बेरोजगारी झेलने वाले इन स्वयंसेवकों के मायूस चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी, जब दरभंगा अलीनगर के प्रखंड कार्यालय परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस नई आस के पीछे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विभागीय मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा का आभार व्यक्त किया गया।
अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग के निदेशक द्वारा सभी जिला सांख्यिकी अधिकारियों को एक पत्र जारी किया गया है। इस पत्र में सभी एएसवी (सांख्यिकी स्वयंसेवक) के प्रशिक्षण और उनके द्वारा किए गए कार्यों से संबंधित प्रतिवेदन मांगा गया है, जिसने इन बेरोजगार युवाओं में नई ऊर्जा भर दी है। बैठक की अध्यक्षता एएसवी धर्मवीर यादव ने की, जिसमें गोविंद कुमार साहू, अंगेश कुमार देव, राम प्रकाश राऊत, समीउर रहमान, कृष्ण गोविंद मिश्रा, राजीव कुमार, कमलेश मंडल और सरोज कुमार सहित अन्य सभी सांख्यिकी स्वयंसेवक मौजूद थे।
3 साल काम करने के बाद हुए थे बेरोजगार
योजना एवं विकास विभाग ने वर्ष 2012 और 2013 में दो चरणों में मान्यता प्राप्त सांख्यिकी स्वयंसेवकों के लिए पात्रता परीक्षा आयोजित की थी। इन परीक्षाओं के बाद, सफल उम्मीदवारों को प्रशिक्षण दिया गया और उन्हें प्रखंडों की विभिन्न पंचायतों में लगभग तीन वर्षों तक काम लिया गया। इस दौरान, उन्होंने कई महत्वपूर्ण सरकारी परियोजनाओं में अपनी सेवाएं दीं, जिनमें क्रॉप कटिंग, छठी आर्थिक गणना, जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन और निर्मल भारत अभियान जैसे कार्य शामिल थे। इन कार्यों के बदले उन्हें भुगतान भी मिल रहा था।
कैबिनेट के एक फैसले ने छीन ली थी नौकरी
दुर्भाग्यवश, वर्ष 2016 में राज्य सरकार के कैबिनेट के एक फैसले के माध्यम से सभी कार्यरत एएसवी के पैनल को निरस्त कर दिया गया। इस निर्णय के कारण, हजारों सांख्यिकी स्वयंसेवक अचानक बेरोजगार हो गए और उनकी उम्मीदें टूट गईं। यह फैसला उनके लिए एक बड़ा झटका था, जिसके बाद वे लगातार अपने अधिकारों और रोजगार की बहाली के लिए संघर्ष कर रहे थे।
अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय के निदेशक का पत्र जिला सांख्यिकी पदाधिकारी के नाम सामने आया है, जिसमें सभी के प्रशिक्षण और कार्यों से संबंधित प्रतिवेदन मांगा गया है। इस खबर ने सभी संबंधित एएसवी में उम्मीदें जगा दी हैं कि ‘अब फिर से हम सभी को कार्य करने का मौका मिलेगा एवं बेरोजगारी की समस्या दूर होगी।’
सांख्यिकी स्वयंसेवकों का मानना है कि इस नए कदम से उन्हें न केवल दोबारा काम करने का अवसर मिलेगा, बल्कि उनकी बेरोजगारी की समस्या भी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। वे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विभागीय मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं, जिनकी पहल से यह सकारात्मक विकास संभव हो पाया है।







