sitamarhi accident: बिहार के सीतामढ़ी जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस के कारण दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह भयावह sitamarhi accident सोमवार को तब हुआ, जब एक राजमिस्त्री सेप्टिक टैंक का सेंटरिंग खोलने के लिए अंदर उतरा और जहरीली गैस की चपेट में आ गया। उसे बचाने की कोशिश में एक मजदूर ने भी अपनी जान गँवा दी।
मुजौलिया गांव में गौरी शंकर सिंह के निर्माणाधीन मकान में काम चल रहा था। सोमवार को राजमिस्त्री सुरेंद्र दास, जो मुजफ्फरपुर जिले के बसंत गांव के निवासी थे, सेप्टिक टैंक की सेंटरिंग खोलने के लिए नीचे उतरे। टैंक में मौजूद जहरीली गैस के संपर्क में आते ही वे बेहोश होकर वहीं गिर पड़े।
बिना सुरक्षा उपकरण बचाने उतरा मजदूर, फिर दोनों की मौत
सुरेंद्र दास को अचेत देखकर बाहर खड़ा मजदूर राजेश किशोर महतो तुरंत उन्हें बचाने के लिए टैंक में कूद पड़ा। राजेश किशोर महतो बेला थाना क्षेत्र के धनहा गांव के रहने वाले थे। उसने बिना किसी सुरक्षा उपकरण के टैंक में प्रवेश किया, जिससे दम घुटने के कारण वह भी बेहोश होकर गिर पड़ा। यह बचाव अभियान ही उनकी मौत का कारण बन गया।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। किसी तरह दीवार तोड़कर दोनों को बाहर निकाला गया और आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, जिससे उनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह घटना कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर परिणामों को उजागर करती है।







