Bihar Food Adulteration: बिहार में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़े पैमाने पर मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है। 27 अगस्त से 5 अक्टूबर के बीच चलाए गए इस विशेष अभियान में राज्य के 15 से अधिक जिलों में कार्रवाई की गई। अकेले वैशाली जिले के बिदुपुर में दो पनीर प्रतिष्ठानों से 328 किलोग्राम संदिग्ध पनीर जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 85,280 रुपये बताई गई है। शुरुआती जांच में इस पनीर में स्टार्च की मौजूदगी पाई गई, जिसके बाद इसे जनहित में नष्ट कर दिया गया।
खाद्य संरक्षा आयुक्त के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के दौरान, मेसर्स जी.एस.पी. पनीर भंडार और श्री राम पनीर भंडार नामक इन प्रतिष्ठानों के पास कोई वैध खाद्य लाइसेंस या पंजीकरण भी नहीं मिला। अनियमितता पाए जाने के तुरंत बाद, दोनों स्थानों पर पनीर निर्माण पर तत्काल रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई बिहार में Bihar फूड एडल्टरेशन के खिलाफ छेड़े गए व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य त्योहारों से पहले उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
राज्यभर में 865 से अधिक नमूने संग्रहित, कई जिलों में बड़ी कार्रवाई
राज्यभर में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमें लगातार खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही हैं। इस अभियान के तहत दूध और दुग्ध उत्पाद, पनीर, मिठाई, मसाले, खाद्य तेल, पेय पदार्थ, अनाज और दाल सहित विभिन्न श्रेणियों के 865 से अधिक नमूने संग्रहित किए गए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है, और जांच के नतीजों के आधार पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।
अभियान के दौरान विभिन्न जिलों में हुई प्रमुख कार्रवाइयाँ इस प्रकार हैं:
| जिला | जब्त/नष्ट की गई सामग्री | मात्रा |
|---|---|---|
| मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर | दूषित पनीर | 105 किलो |
| छेना | 18 किलो | |
| पेड़ा | 12 किलो | |
| सोनपापड़ी | 27 किलो | |
| वैशाली, पश्चिमी चंपारण | पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर | 35,454 बोतल |
| बेगूसराय, सहरसा, सुपौल | खराब लड्डू | 8 किलो |
| खराब पनीर | 5 किलो | |
| पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर (1 लीटर) | 310 बोतल | |
| पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर (500 मिली) | 1,230 बोतल | |
| समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी | मिलावटी पनीर | 18 किलो |
| नालंदा, नवादा | खराब घी, सोनपापड़ी | नष्ट |
| मुंगेर, पूर्णिया, मधेपुरा | खराब पेड़ा, बर्फी, लड्डू, केक, मलाई | नष्ट |
| सीवान, गोपालगंज | बिना Expiry Date वाले सॉस, एक्सपायर्ड कार्बोनेटेड ड्रिंक, रंगयुक्त जलेबी, बूंदी | नष्ट |
इन कार्रवाइयों से स्पष्ट होता है कि खाद्य विभाग उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कारोबारी को बख्शने के मूड में नहीं है। समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी में मिलावटी पनीर के मामले में संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ ‘इम्प्रूवमेंट नोटिस’ जारी करने और खाद्य लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश भी की गई है।
खाद्य कारोबारियों को सख्त निर्देश, त्योहारों पर जारी रहेगा अभियान
इस अभियान के दौरान, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कारोबारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए हैं। उन्हें FIFO (First In, First Out) और FEFO (First Expired, First Out) व्यवस्था अपनाने, कच्चे और पके भोजन को अलग रखने, तथा खाद्य एवं गैर-खाद्य सामग्री को पृथक रखने की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही, खाद्य पदार्थों को ढककर रखने, रसोई और पूरे परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित करने, तथा कर्मचारियों द्वारा व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, ग्लव्स और हेयर नेट का उपयोग करने पर जोर दिया गया है।
विभाग ने खाद्य प्रतिष्ठानों को वैध FSSAI रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस लेने और उसे प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया है। इसके अलावा, दोबारा इस्तेमाल किए गए या खराब तेल का उपयोग न करने और एक्सपायर्ड, खराब या संदूषित खाद्य सामग्री को तुरंत हटाने के लिए भी कहा गया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। आगामी त्योहारों के मौसम को देखते हुए, निरीक्षण और नमूना संग्रह की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि उपभोक्ता किसी भी प्रकार की मिलावट से सुरक्षित रह सकें।







