Bihar Paddy Procurement: बिहार के लाखों किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य में धान की सरकारी खरीद 1 नवंबर से शुरू होने जा रही है, जिससे किसानों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ मिलेगा। इस बार सामान्य धान का समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 72 रुपये अधिक है। बिहार सरकार की इस पहल से किसानों की आय में वृद्धि होगी और उन्हें अपनी उपज का उचित दाम मिल पाएगा।
धान बेचने वाले किसानों को इस बार प्रति क्विंटल अधिक दाम मिलेंगे। सामान्य धान का भाव पिछले साल 2369 रुपये था, जबकि इस बार यह 2441 रुपये निर्धारित किया गया है, यानी प्रति क्विंटल 72 रुपये का सीधा फायदा। इसी तरह, ग्रेड-ए धान का भाव भी 72 रुपये बढ़कर 2461 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है, जो पिछले साल 2389 रुपये था। सरकारी खरीद की यह प्रक्रिया 1 नवंबर 2026 से शुरू होकर 31 मार्च 2027 तक चलेगी।
धान खरीद के लिए जरूरी पंजीकरण और बढ़ी हुई दरें
सरकारी खरीद का लाभ उठाने के लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य है। जिन किसानों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें जल्द से जल्द इसे पूरा करने का आग्रह किया गया है। पंजीकरण के बिना किसान सरकारी खरीद केंद्र पर अपना धान नहीं बेच पाएंगे, इसलिए समय रहते यह महत्वपूर्ण कार्य निपटा लेना चाहिए।
भंडारण और लक्ष्य बढ़ाने की कवायद
धान खरीद शुरू होने से पहले ही सरकार ने पैक्स (PACS) और व्यापार मंडलों को पर्याप्त संख्या में बोरे रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, धान को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त भंडारण क्षमता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि खरीद प्रक्रिया के दौरान बोरे या जगह की कमी के कारण किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने बताया, ‘सरकार खरीद का लक्ष्य भी बढ़ाना चाहती है।’ उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार के लिए धान खरीद का लक्ष्य 35 लाख टन से बढ़ाकर 50 लाख टन करने की मांग की है। राज्य सरकार का मानना है कि ‘किसानों से ज्यादा धान खरीदने के लिए लक्ष्य बढ़ाना जरूरी है।’
पिछले खरीद वर्ष 2025-26 में केंद्र ने बिहार से 36.85 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य रखा था, जिसमें से राज्य ने लगभग 36.79 लाख टन धान की खरीद की थी। इस बार राज्य सरकार किसानों से अधिक धान खरीदने के लिए लक्ष्य बढ़ाने पर जोर दे रही है।
राज्य सरकार की यह पहल किसानों को बिचौलियों से बचाकर उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने में सहायक होगी। खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि 31 मार्च 2027 तक चलने वाली इस पूरी प्रक्रिया में किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और उन्हें उनकी मेहनत का पूरा फल मिल सके।







