Patna Train Stone Pelting: बिहार की राजधानी पटना में चलती ट्रेन पर पथराव की एक गंभीर घटना सामने आई है। मंगलवार शाम मधुपुर-आनंद विहार हमसफर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22459) के बी-7 कोच को निशाना बनाकर पत्थर फेंके गए, जिससे खिड़की का शीशा टूट गया। इस अचानक हुए हमले से कोच में बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, हालांकि गनीमत रही कि कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ।
यह घटना गुलजारबाग और राजेंद्रनगर टर्मिनल के बीच शाम करीब चार बजे हुई। पत्थर लगने के बाद यात्रियों ने तुरंत रेलकर्मियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही राजेंद्रनगर आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) सक्रिय हो गई और तत्काल घटनास्थल के आसपास जांच शुरू कर दी। आरपीएफ की टीम उस स्थान का पता लगाने का प्रयास कर रही है, जहां से ट्रेन को निशाना बनाया गया था।
चलती ट्रेन पर किसने किया हमला? आरपीएफ ने शुरू की जांच
आरपीएफ ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुलिस को संदेह है कि इस घटना को नशेड़ी युवकों ने अंजाम दिया होगा, जो अक्सर ऐसे सुनसान इलाकों में इस तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहते हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस हमले के पीछे किसका हाथ है और इसका मकसद क्या था।
“मधुपुर-आनंद विहार एक्सप्रेस के बी-7 कोच पर पथराव की घटना हुई है। शीशा टूट गया है, लेकिन कोई यात्री घायल नहीं हुआ। आरपीएफ ने जांच शुरू कर दी है और दोषियों को जल्द पकड़ा जाएगा।”
यात्रियों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
चलती ट्रेन पर हुए इस पथराव ने एक बार फिर रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस तरह की घटनाएं न केवल यात्रियों में भय पैदा करती हैं, बल्कि रेलवे संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाती हैं। रेलवे प्रशासन को ऐसे संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। आरपीएफ का कहना है कि दोषियों को पकड़कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







