Bihar Master Plan: बिहार के गया जी और बोधगया के सुनियोजित विकास के लिए ‘एकीकृत मास्टर प्लान-2047’ तैयार कर लिया गया है। यह योजना सड़क, पर्यटन, यातायात, नदी तट, पार्किंग, पैदल यात्री सुविधाओं और आवासीय-सामुदायिक विकास को एक साथ जोड़कर इन पवित्र स्थलों की तस्वीर बदलने वाली है। इस मास्टर प्लान की सबसे बड़ी विशेषता गया जी और बोधगया के लिए प्रस्तावित लगभग 556.06 किलोमीटर का विशाल सड़क नेटवर्क है, जो क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
बोधगया में महाबोधि मंदिर क्षेत्र को यातायात के दबाव से मुक्त करने के लिए करीब 500 मीटर का ‘महाबोधि कॉरिडोर’ भी प्रस्तावित है। यह कॉरिडोर नियंत्रित वाहनों की आवाजाही, पैदल पथ, साइनज, लैंडस्केपिंग और आधुनिक पर्यटक सुविधाएं प्रदान करेगा। गौरी रोड पर मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा भी मिलेगी। गौरी रोड से होटल एंबेसी की ओर लगभग 600 मीटर क्षेत्र में ई-रिक्शा जैसे इंटरमीडिएट पब्लिक ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था होगी, जबकि इसके आगे महाबोधि मंदिर परिसर की ओर का क्षेत्र पूरी तरह से पैदल और गैर-मोटर चालित होगा।
सड़क नेटवर्क से बढ़ेगी कनेक्टिविटी, चौड़ी होंगी सड़कें
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में गया जी क्षेत्र में करीब 435.07 किलोमीटर और बोधगया में 120.99 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क प्रस्तावित किया गया है। नई सड़कों के निर्माण के साथ-साथ मौजूदा सड़कों के चौड़ीकरण का भी प्रावधान है। अलग-अलग मार्गों को 12, 18, 24, 30, 60 और 90 मीटर की चौड़ाई के हिसाब से विकसित किया जाएगा। योजना में रेडियल, रिंग और आउटर रिंग रोड नेटवर्क के माध्यम से गया जी-बोधगया को बेहतर ढंग से जोड़ने पर जोर दिया गया है। यह मास्टर प्लान गया जी और बोधगया को केवल दो अलग-अलग शहरों के रूप में नहीं, बल्कि एक एकीकृत पर्यटन एवं मोबिलिटी कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की सोच रखता है।
फल्गु नदी पर बनेगा शानदार रिवरफ्रंट, नौकायन का भी मिलेगा मजा
मास्टर प्लान में फल्गु नदी के किनारे एक भव्य रिवरफ्रंट विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना है। इस रिवरफ्रंट में घाट, प्रोमेनेड, सांस्कृतिक प्लाजा, खुले स्थान, हरियाली और मनमोहक रात्रिकालीन रोशनी की व्यवस्था होगी। नदी में नौकायन, सांस्कृतिक क्रूज और इको-टूरिज्म जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ मनोरंजन और सांस्कृतिक पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनेंगे होटल, होम-स्टे और खास सर्किट
पर्यटकों की सुविधाओं और अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण विकास कार्य प्रस्तावित हैं।
- होटल, धर्मशाला
- वेलनेस मेडिटेशन सेंटर
- सूचना केंद्र
- पार्किंग हब
- स्मारिका बाजार
- फूड स्ट्रीट
स्थानीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए निम्नलिखित गतिविधियों को प्रमोट किया जाएगा:
- होम-स्टे
- गांव पर्यटन
- हस्तशिल्प
- एग्रो-टूरिज्म
- इको-टूरिज्म
- साइकिलिंग
- वॉकिंग ट्रेल
योजना का मुख्य उद्देश्य गया जी और बोधगया के अलग-अलग धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को एक एकीकृत पर्यटन सर्किट में जोड़ना है। विष्णुपद मंदिर, महाबोधि मंदिर, फल्गु नदी के घाट, डुंगेश्वरी पहाड़ियां, ब्रह्मयोनि, प्रेतशिला, रामशिला, मंगलागौरी मंदिर और सुजाता स्तूप को बेहतर सड़क और पर्यटन संपर्क से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही आसपास के पर्यटन गांवों को भी इस पर्यटन कॉरिडोर से जोड़ने का प्रस्ताव है, जिससे पूरे क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।







