Harmanpreet Kaur: भारतीय महिला क्रिकेट में मंगलवार को एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। टीम की सबसे अनुभवी और सफल कप्तान Harmanpreet Kaur ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया। यह चौंकाने वाला फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के ठीक बाद आया है।
एशियाई खेलों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को स्वर्ण पदक दिलाने के बाद कप्तानी की भूमिका से हरमनप्रीत कौर ने इस्तीफा दे दिया है।
हरमनप्रीत की जगह स्मृति मंधाना टीम की नई कप्तान बन सकती हैं। 37 वर्षीय हरमनप्रीत ने भारत की कप्तानी पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 मैचों में की।
हरमनप्रीत ने 2016 में भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम की कमान संभाली और 10 वर्षों तक इस भूमिका में रहीं। उन्हें 2022 में वनडे कप्तान नियुक्त किया गया
और 2023 में टेस्ट क्रिकेट में भी कप्तानी करने के लिए चुना गया। उनकी कप्तानी में टीम ने 2012, 2016, 2022 और 2026 एशिया कप का खिताब भी अपने नाम किया।
अर्जुन अवॉर्ड: 2017 में उन्हें क्रिकेट के लिए अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। हरमनप्रीत कौर को 2026 में देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
बीसीसीआई की यह बैठक गुवाहाटी में हुई थी, जिसकी अध्यक्षता बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने की। इस अहम मीटिंग में हरमनप्रीत कौर के साथ उपकप्तान स्मृति मंधाना और हेड कोच अमोल मजूमदार भी मौजूद थे।
बैठक के दौरान, सिलेक्टर्स ने हरमनप्रीत और मंधाना को बताया कि वे भविष्य को ध्यान में रखते हुए टीम में बदलाव के पक्ष में हैं। बीसीसीआई एशियन गेम्स 2026 के समाप्त होने का इंतजार कर रहा था, ताकि इस मामले पर विस्तार से चर्चा की जा सके।
कप्तानी के बाद भी खेलना जारी रखेंगी हरमनप्रीत
हरमनप्रीत के नेतृत्व में भारत ने पिछले साल एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। उन्होंने महिला वनडे वर्ल्ड कप भी टीम के नाम किया था। हालांकि, महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद से ही हरमनप्रीत को कप्तानी से हटाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही थी। उस टूर्नामेंट में भारत सेमीफाइनल तक भी नहीं पहुंच पाया था।
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि 37 वर्षीय हरमनप्रीत की अब भी सभी फॉर्मेट में कप्तानी करने और खेलने की ख्वाहिश थी। हरमनप्रीत ने बैठक में कहा कि उन्हें भारतीय टीम का नेतृत्व करने में कोई दिक्कत नहीं है और टीम को आगे बढ़ाने के लिए अनुभव की जरूरत
होती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनकी टी20 बैटिंग फॉर्म अच्छी नहीं रही है। ऐसे में उन्हें लगा कि वह युवा पीढ़ी को मौका देने के लिए इस फॉर्मेट में अपना पद छोड़ सकती हैं, लेकिन वह वनडे और टेस्ट में कप्तानी जारी रखना चाहती थीं। लेकिन बीसीसीआई अपने फैसले पर कायम रहा।
हरमनप्रीत ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ”मैं आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम के तीनों प्रारूपों की कप्तानी से हट रही हूं। यह फैसला आसान नहीं है। इसके साथ वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे अनगिनत पल जुड़े हैं, जो जीवन भर मेरे साथ रहेंगे। मुझे लगता है कि मैंने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है। मैंने इस टीम को अपना सब कुछ दिया। मैंने इस जिम्मेदारी को सम्मान के साथ निभाया और भारतीय महिला क्रिकेट का नेतृत्व करने का अवसर मिलने के लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगी। अब मेरे लिए नया अध्याय शुरू करने का समय है। कप्तानी आज खत्म हो सकती है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी खत्म नहीं होगा। मैंने अपना खून, पसीना, त्याग और सम्मान सब कुछ इस टीम को दिया है। मैं अब फिर से सिर्फ खेल के प्यार के लिए खेलने को तैयार हूं। कप्तानी का अंत हुआ है, सफर जारी है।”
हरमनप्रीत ने कम से कम 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक तक टीम की कप्तानी करने की इच्छा जताई थी, लेकिन उन्हें अचानक पद छोड़ना पड़ा। उन्होंने पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 इंटरनेशनल मैचों में भारत की बागडोर संभाली। अब उनके बाद स्मृति मंधाना को टीम की नई कप्तान बनाया जा सकता है। हरमनप्रीत हालांकि तीनों फॉर्मेट में भारत के लिए खेलना जारी रखेंगी। हरमनप्रीत ने 2016 में भारतीय टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी, फिर 2022 में उन्हें वनडे टीम की कप्तानी सौंपी गई और 2023 में वह तीनों फॉर्मेट की बागडोर संभाल रही थीं।
भारतीय महिला क्रिकेट का नया दौर
यह फैसला भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देता है। हरमनप्रीत कौर का योगदान अविस्मरणीय रहेगा, लेकिन अब टीम को एक नई दिशा और नेतृत्व में आगे बढ़ना होगा। आने वाले समय में स्मृति मंधाना के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी आ सकती है, जबकि हरमनप्रीत एक खिलाड़ी के तौर पर टीम को अपना अनुभव देती रहेंगी।








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