Benipur Anti Rabies Vaccine: सतीश चंद्र झा दरभंगा। बिहार के बेनीपुर प्रखंड में आवारा कुत्तों और गीदड़ों के हमलों से स्थानीय लोग दहशत में हैं। मंगलवार को इन जानवरों के काटने से डेढ़ दर्जन से अधिक बच्चे और बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। इन सभी को इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल लाया गया, लेकिन एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं होने के कारण उन्हें निराशा हाथ लगी।
प्रखंड के देवराम, अहियापुर, आशापुर, भगवतपुर और घोंघिया जैसे कई गांवों में यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। ताजा घटना में देवराम से 9 वर्षीय कन्हैया कुमार, अहियापुर से 8 वर्षीय सृष्टि कुमार और आशापुर से 10 वर्षीय अंगद कुमार जख्मी हुए हैं। इसी तरह, भगवतपुर से 48 वर्षीय मो. मुस्तकीम और आशापुर से 4 वर्षीय नदीम खान, 5 वर्षीय सादिया परवीन, 6 वर्षीय आलम परवीन, 6 वर्षीय अहमद राजा, 10 वर्षीय अंकित चौपाल भी शिकार बने। भगवतपुर के 8 वर्षीय हर्षद कुमार और घोंघिया के 8 वर्षीय विकाश कुमार भी इनमें शामिल हैं।
एंटी रेबीज वैक्सीन के अभाव में भटक रहे मरीज
इन सभी घायलों को उनके परिजन तत्काल अनुमंडल अस्पताल बेनीपुर लेकर पहुंचे। अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मियों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन एंटी रेबीज वैक्सीन की अनुपलब्धता के कारण आगे का इलाज संभव नहीं हो सका। मरीजों को मजबूरन बिना वैक्सीन लगवाए वापस लौटना पड़ा, जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सीएस डॉ. अनिल कुमार ने इस संबंध में पूछे जाने पर बताया, ‘पूरे बिहार में वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। जिसके कारण जिला से प्रखंड तक इसका अभाव है। विभाग से उपलब्ध कराए जाने के बाद अनुमंडल अस्पताल में भी उपलब्ध करा दिया जाएगा।’
डॉ. कुमार के बयान से स्पष्ट है कि यह समस्या केवल बेनीपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बिहार में एंटी रेबीज वैक्सीन की किल्लत चल रही है। इस स्थिति ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है, जहाँ आम जनता को अपनी जान बचाने के लिए भटकना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग को इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है ताकि ऐसी घटनाओं में लोगों की जान बचाई जा सके।







