Bihar MLC Election: रानी रंजन, दरभंगा।विधान परिषद की आठ सीटों के लिए हो रहे चुनाव ने बिहार के राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। इन चुनावों के परिणाम का सीधा असर भले ही सरकार पर न पड़े, लेकिन इससे राजनीतिक गलियारों में भूचाल आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। एनडीए और महागठबंधन के प्रमुख दलों के बीच उम्मीदवारी को लेकर जारी खींचतान के बीच भाकपा माले, जनसुराज और आम आदमी पार्टी भी चुनाव मैदान में उतर चुकी हैं।
चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सबसे ज्यादा उम्मीदवार दरभंगा स्नातक क्षेत्र में सामने आए हैं, जहां सियासी पारा सबसे ऊपर है।
विधान परिषद चुनाव: उम्मीदवारी की रिकॉर्ड तोड़ भीड़
चुनाव आयोग की मंगलवार देर शाम जारी रिपोर्ट के मुताबिक, विधान परिषद की कुल आठ सीटों के लिए 164 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। इसमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से 98 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से 66 प्रत्याशी शामिल हैं। दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 40 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन पत्र भरा है, जो सभी क्षेत्रों में सबसे अधिक है। इस सीट पर भाजपा के निवर्तमान विधान पार्षद सर्वेश कुमार को फिर से उम्मीदवार बनाया गया है, जिससे एनडीए की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
वहीं, महागठबंधन की ओर से कांग्रेस ने रजनीकांत पाठक, राजद ने अनिल कुमार झा और भाकपा माले ने संदीप कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया है। दरभंगा स्नातक क्षेत्र में इन प्रमुख उम्मीदवारों के अलावा 36 अन्य भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। दूसरी ओर, दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 14 उम्मीदवारों ने पर्चा भरा है, जिसमें कांग्रेस के निवर्तमान विधान पार्षद डॉ. मदन मोहन झा, राजद के कुमर राय और जदयू के घनश्याम राय सहित 11 अन्य प्रत्याशी शामिल हैं।
चुनाव आयोग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए सबसे कम 16 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। पटना स्नातक में 22 और तिरहुत स्नातक के लिए 20 उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया है।
30 जिलों में फैला चुनाव का दायरा, कौन कर सकेगा मतदान?
विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले इस चुनाव का दायरा बिहार के 30 जिलों और करीब 150 विधानसभा क्षेत्रों तक फैला हुआ है। इन चुनावों में आम मतदाता वोट नहीं डालते हैं, बल्कि विशेष मतदाता ही मताधिकार का प्रयोग करते हैं।
- स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में केवल वही नागरिक मतदान कर सकते हैं, जिन्होंने कम से कम तीन वर्ष पूर्व स्नातक की डिग्री प्राप्त की हो और फॉर्म-19 भरा हो।
- शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में माध्यमिक या उससे उच्च शिक्षण संस्थानों में न्यूनतम तीन वर्षों से कार्यरत शिक्षक ही मतदाता बन सकते हैं, जिसके लिए उन्हें फॉर्म-20 भरना होता है।
विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में शामिल जिले और मतदाताओं की संख्या इस प्रकार है:
| निर्वाचन क्षेत्र | शामिल जिले | विधानसभा क्षेत्र | मतदाताओं की संख्या |
|---|---|---|---|
| पटना स्नातक-शिक्षक | पटना, नालंदा, नवादा | 25 | 88 हजार (ग्रेजुएट), 18 हजार (शिक्षक) |
| दरभंगा स्नातक-शिक्षक | दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, बेगूसराय | 37 | 1.15 लाख |
| तिरहुत स्नातक-शिक्षक | मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर | 28 | 1.50 लाख (ग्रेजुएट) |
| कोसी स्नातक | सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, शेखपुरा, भागलपुर, बांका | 64 | 1.20 लाख |
| सारण शिक्षक | सारण, सीवान, गोपालगंज | उपलब्ध नहीं | उपलब्ध नहीं |
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि यह चुनाव कितने व्यापक दायरे को कवर कर रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में कितने मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे।
कब होगी नामांकन पत्रों की जांच और कब आएगा परिणाम?
नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को की जाएगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि 9 अक्टूबर निर्धारित है। उम्मीद है कि नाम वापसी के बाद चुनाव की वास्तविक तस्वीर और स्पष्ट हो पाएगी।
विधान परिषद के इस द्विवार्षिक चुनाव में मतपत्र (बैलेट पेपर) के जरिए मतदान होगा। 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक वोट डाले जाएंगे। मतों की गिनती 27 अक्टूबर को होगी और उसी दिन परिणाम भी जारी कर दिए जाएंगे। यह चुनाव बिहार की राजनीतिक दिशा को तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।






