Bihar Farmers Land सैटेलाइट सिटी के लिए किसानों की जमीन पर भड़के राकेश टिकैत! सरकार से पूछे तीखे सवाल|संपत्ति की कीमत पुराने रेट पर क्यों?
Bihar Farmers Land: किसान नेता राकेश टिकैत ने बिहार सरकार पर साधा निशाना, पूछा- जब सोना महंगा हो गया तो किसानों की जमीन का दाम 11 साल पुराना क्यों? वाजिब मुआवजे की मांग पर अड़े टिकैत।
Bihar Farmers Land: किसान नेता राकेश टिकैत ने बिहार में सैटेलाइट सिटी के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण पर बड़ा बयान दिया है। पटना पहुंचे टिकैत ने सरकार को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि विकास के नाम पर किसानों से उनकी जमीन तो ली जा रही है, लेकिन उन्हें उसका वाजिब मूल्य नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण के लिए आज भी 2013 के पुराने सर्किल रेट को ही आधार बनाया जा रहा है, जो किसानों के साथ सरासर अन्याय है।
राकेश टिकैत ने सवाल किया, ‘जब बाजार में सोना, निर्माण सामग्री, मकान और दूसरी जरूरतों की कीमतें बढ़ चुकी हैं, तो जमीन का मूल्य पुराने स्तर पर क्यों रखा गया है? अगर आज भी जमीन के लिए 2013 का रेट लागू है, तो सोना भी 2013 की कीमत पर दिलाया जाए।’
टिकैत ने सरकार से दो टूक शब्दों में कहा कि पहले जमीन का सर्किल रेट बढ़ाया जाए, उसके बाद ही सैटेलाइट सिटी जैसी बड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने साफ किया कि किसान विकास के खिलाफ नहीं हैं, सैटेलाइट सिटी बनाना अच्छी पहल हो सकती है, लेकिन समस्या जमीन के उचित मुआवजे को लेकर है।
किसान नेता राकेश टिकैत ने सैटेलाइट सिटी के लिए किसानों की जमीन लेने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा- जमीन का मुआवजा 2013 के सर्किल रेट पर नहीं, मौजूदा दर के हिसाब से मिलना चाहिए. पहले सर्किल रेट बढ़े, फिर सैटेलाइट सिटी बने।
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किसान की संपत्ति की कीमत पुराने रेट पर क्यों?
राकेश टिकैत ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि किसान की जमीन उसकी सबसे बड़ी संपत्ति होती है। जब पिछले वर्षों में हर चीज की कीमत कई गुना बढ़ गई है, तो किसानों की जमीन की कीमत पुराने रेट पर क्यों तय की जा रही है? उन्होंने जोर देकर कहा कि 2013 के सर्किल रेट पर जमीन लेना किसानों के साथ बड़ा अन्याय है। यह मुआवजा केवल कागजों पर तय की गई राशि नहीं होनी चाहिए, बल्कि मौजूदा परिस्थितियों और जमीन की वास्तविक कीमत को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
किसान नेता ने स्पष्ट किया कि सरकार बड़े मॉल, नए शहर या अस्पताल बनाने के लिए जमीन ले सकती है, किसानों को इससे कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है कि जमीन लेने से पहले किसानों को उसका उचित मूल्य मिले। उन्होंने बिहार सरकार से सर्किल रेट में तत्काल बदलाव की मांग की, ताकि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ सके।
पटना में दिए अपने बयान में राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि किसानों की जमीन के लिए 2013 का सर्किल रेट किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने किसानों को उनकी जमीन का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया। टिकैत ने सरकार से अपील की कि वह किसानों की आपत्तियों को गंभीरता से ले। उन्होंने कहा कि विकास की योजनाएं जरूर आगे बढ़नी चाहिए, लेकिन उनका बोझ किसानों पर नहीं डाला जाना चाहिए। किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य मिलना बेहद जरूरी है।
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