Bhagalpur Vikramshila Setu: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद गंगा नदी पार कर रहे लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। शुक्रवार को आवागमन के दौरान एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब एसडीआरएफ की नाव पर एक गर्भवती महिला ने बच्चे को जन्म दिया। दुखद बात यह रही कि जन्म के बाद नवजात में जीवन के कोई संकेत नहीं मिले, जिससे घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना ने आपातकालीन परिस्थितियों में चिकित्सा सुविधाओं की कमी को उजागर किया है।
जानकारी के अनुसार, इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के जयमंगल टोला निवासी संगीता देवी अपने पति ज्योतिष कुमार के साथ जाह्नवी चौक घाट से बियाडा घाट की ओर आ रही थीं। घाट पर पहुंचते ही उन्हें अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। मौके पर मौजूद मेडिकल टीम से तुरंत मदद मांगी गई, लेकिन महिला ने एसडीआरएफ की नाव पर ही बच्चे को जन्म दे दिया।
जहाज से उतर रही तीन महिलाओं ने खुद को एएनएम बताते हुए नवजात की जांच की। उनके अनुसार, जांच के दौरान बच्चे में जीवन के संकेत नहीं मिले। इसके बाद प्रसूता को प्राथमिक उपचार देकर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। नवजात की स्थिति की अस्पताल से आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
सेतु बंद होने से बढ़ी मरीजों की परेशानी
विक्रमशिला सेतु के बंद होने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच गंगा पार आवागमन पूरी तरह से जहाज और नावों पर निर्भर हो गया है। इस कारण बीमार बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अन्य गंभीर मरीजों को लाने-ले जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आज की घटना ने गर्भवती महिलाओं के लिए नदी पार करते समय आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की आवश्यकता को स्पष्ट कर दिया है।
एसडीआरएफ मोटरबोट बनी बीमार वृद्ध का सहारा
इसी दिन प्रशासन की पहल पर एक और आपातकालीन स्थिति में एसडीआरएफ की मोटरबोट ने मदद की। नवगछिया के खैरपुर कदवा निवासी 84 वर्षीय बीमार रामदास यादव को जाह्नवी घाट से एसडीआरएफ की मोटरबोट के जरिए बियाडा घाट पहुंचाया गया। गांव में तबीयत गंभीर होने के बाद परिजन उन्हें लेकर जाह्नवी घाट पहुंचे थे, लेकिन वृद्ध की स्थिति ऐसी नहीं थी कि उन्हें जहाज पर चढ़ाया जा सके।
रामदास यादव के पुत्र प्रद्युम्न कुमार ने जाह्नवी चौक स्थित कार्यालय पहुंचकर स्थानीय प्रशासन को अपनी समस्या बताई। इसके बाद प्रशासन के त्वरित सहयोग से एसडीआरएफ की मोटरबोट से वृद्ध को गंगा पार कराया गया। प्रद्युम्न कुमार ने प्रशासन के सहयोग की सराहना करते हुए बताया कि उन्हें चिकित्सक को दिखाने के बाद लौटने पर भी गंगा पार कराने की व्यवस्था किए जाने का आश्वासन मिला है।
आपातकालीन सेवाओं के समन्वय की जरूरत
विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के कारण बाधित आवागमन के चलते उत्पन्न हुई इन दोनों घटनाओं ने आपातकालीन स्थितियों में चिकित्सा सहायता और प्रशासनिक समन्वय की गहन आवश्यकता को एक बार फिर सामने ला दिया है। प्रशासन को ऐसे संवेदनशील मामलों के लिए विशेष इंतजाम करने होंगे, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े और समय पर उचित उपचार मिल सके।







