Bihar Pharma Raid: राजधानी पटना के कंकड़बाग इलाके में स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। राज्य औषधि नियंत्रक की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पीसी कॉलोनी स्थित ‘सेलुलस फार्मा प्राइवेट लिमिटेड’ के ठिकाने पर छापा मारा। इस छापेमारी में दवा कारोबार से जुड़े नियमों का गंभीर उल्लंघन सामने आया, साथ ही परिसर से शराब की एक बड़ी खेप भी बरामद की गई।
दवा नियंत्रण विभाग की टीम जब कंकड़बाग पुलिस के साथ मौके पर पहुँची, तो फर्म के संचालक मृत्युंजय कुमार सिंह वहीं मौजूद थे। अधिकारियों ने जब दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित रजिस्टर और अन्य आवश्यक कागजात दिखाने को कहा, तो संचालक कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। परिसर में न तो नियमानुसार साइनबोर्ड लगा था और न ही दवाओं को सुरक्षित रखने के निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा था।
जांच के दौरान भंडारण क्षेत्र को लेकर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। कंपनी को केवल एक कमरे, जिसका माप 11.15 वर्ग मीटर है, में दवाएं रखने का लाइसेंस मिला हुआ था। इसके विपरीत, दवाइयों का स्टॉक चार अलग-अलग कमरों में फैला हुआ पाया गया। नियमों के इस खुले उल्लंघन को देखते हुए, अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से पूरे फ्लैट के मुख्य द्वार को सील कर दिया।
10 दवाओं की बिक्री और निकासी पर तुरंत रोक लगा दी गई है, जिसके लिए फर्म को फॉर्म-15 भी थमाया गया। तलाशी में एक्सपायरी डेट पार कर चुकीं दो दवाएं भी जब्त की गईं। टीम ने गुणवत्ता जांच के लिए सात संदिग्ध दवाओं के सैंपल भी एकत्र किए हैं, जिन्हें राजकीय प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। संचालक को पांच दिनों के भीतर सभी वैध दस्तावेज पेश करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
इसी छापेमारी के दौरान परिसर में अवैध शराब मिलने से हड़कंप मच गया। औषधि नियंत्रक टीम ने तुरंत मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग को इसकी सूचना दी। पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शराब जब्ती के इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद कंपनी के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह कार्रवाई बिहार में अवैध दवा कारोबार और शराबबंदी कानून के उल्लंघन पर सरकार की सख्त मंशा को दर्शाती है।







