Bihar MLC Election: बिहार में विधान परिषद चुनाव के बीच एक बड़ा सियासी विवाद सामने आया है। राजद समर्थित एमएलसी उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार ने बीजेपी विधान पार्षद नवल किशोर यादव पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। डॉ. संजीव कुमार ने दावा किया है कि मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह ने पटना के सेंट्रल मॉल में नवल किशोर यादव की पिटाई की थी। यह गंभीर आरोप ऐसे समय में सामने आया है, जब नवल किशोर यादव ने अनंत सिंह से जुड़े एक सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
‘अनंत सिंह ने नवल किशोर यादव को बांधकर पीटा था!’ RJD प्रत्याशी के इस सनसनीखेज दावे से बिहार की सियासत में भूचाल
Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच पटना सेंट्रल मॉल की जमीन और बाहुबली अनंत सिंह से जुड़ा एक पुराना विवाद फिर से चर्चा में आ गया है। राजद प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा एमएलसी नवल किशोर यादव पर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अनंत सिंह ने कभी नवल किशोर यादव को बांधकर पीटा था। संजीव कुमार के इस बयान ने चुनावी माहौल में नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
यह मामला ऐसे समय में उठा है, जब बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर चुनाव होना है। डॉ. संजीव कुमार पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राजद के उम्मीदवार हैं, जबकि नवल किशोर यादव इसी सीट से भाजपा के प्रत्याशी हैं। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी ने चुनावी मुकाबले को और अधिक रोमांचक बना दिया है।
अनंत सिंह और नवल किशोर यादव पर डॉ. संजीव कुमार का सनसनीखेज दावा
पेशे से चिकित्सक डॉ. संजीव कुमार पहले परबत्ता से जदयू के विधायक रह चुके हैं। अब राजद ने उन्हें पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने अपने दावे में कहा है कि नवल किशोर यादव को अनंत सिंह की मार आज तक याद होगी।
‘पटना सेंट्रल मॉल के लिए अनंत सिंह ने जब जमीन खरीदी थी, उस समय नवल किशोर यादव वहां बार चलाते थे। नवल किशोर यादव अपने लोगों के साथ जमीन पर कब्जा करने पहुंचे थे। इसी दौरान अनंत सिंह ने उनकी पिटाई की और उन्हें बांधकर गाड़ी में बैठाकर वहां से हटा दिया।’
संजीव कुमार ने यह भी जोड़ा कि अनंत सिंह का नाम सुनते ही नवल किशोर यादव की परेशानी की वजह वही पुरानी घटना है। यह आरोप सीधे तौर पर भाजपा प्रत्याशी पर हमला है, जो चुनाव में एक नया मोड़ ला सकता है।
किस बयान के बाद फिर शुरू हुई यह चर्चा?
दरअसल, यह विवाद 9 अक्टूबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर हुई एनडीए की बैठक के बाद फिर से सुर्खियों में आया। इस बैठक का उद्देश्य विधान परिषद चुनाव के बीच सहयोगी दलों के बीच पैदा हुई नाराजगी को दूर करना था। बैठक से बाहर निकलने के दौरान पत्रकारों ने भाजपा एमएलसी नवल किशोर यादव से अनंत सिंह को लेकर सवाल पूछा था। इस पर वह नाराज हो गए और उन्होंने कहा था,
‘बे हद है, जे न पूछे से खेसारी के दाल और अनंत सिंह आ फलना सिंह की बात करते हैं, लटर-पटर बात है।’
नवल किशोर यादव के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. संजीव कुमार ने सेंट्रल मॉल की जमीन और अनंत सिंह से जुड़ा पुराना किस्सा सुनाया। इसके बाद यह मामला फिर से राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है, जो बिहार MLC Election में गर्मी बढ़ा रहा है।
पटना सेंट्रल मॉल जमीन विवाद: क्या है पूरा मामला?
डॉ. संजीव कुमार के बयान में पटना सेंट्रल मॉल की जमीन का मुद्दा भी सामने आया है। उनके दावे के मुताबिक, जमीन को लेकर अनंत सिंह और नवल किशोर यादव के बीच पुराना विवाद हुआ था। हालांकि, जमीन पर कब्जे और मारपीट की घटना की पुष्टि प्रभात खबर नहीं करता है। पटना सेंट्रल मॉल पहले भी बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है। अगस्त 2017 में अनंत सिंह ने आरोप लगाया था कि लालू प्रसाद यादव ने मॉल में हिस्सेदारी मांगी थी। यह अनंत सिंह की ओर से लगाया गया अलग आरोप था, जिसे मौजूदा विवाद में लगाए गए आरोपों से अलग समझना जरूरी है।
एमएलसी चुनाव में क्यों गरमाया यह विवाद?
बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा ने नवल किशोर यादव को उम्मीदवार बनाया है, जबकि राजद की ओर से डॉ. संजीव कुमार चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में एक उम्मीदवार की ओर से दूसरे नेता को लेकर किया गया यह दावा चुनावी चर्चा का अहम हिस्सा बन गया है। संजीव कुमार का बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों दलों के उम्मीदवार अपनी-अपनी जीत के लिए प्रचार में जुटे हैं।
नवल किशोर यादव पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से 1996 से लगातार चुनाव जीतते रहे हैं। वह अब तक पांच बार विधान पार्षद चुने जा चुके हैं और इस बार भाजपा ने उन्हें छठी बार मैदान में उतारा है। नवल किशोर यादव अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं और उन्होंने कहा है कि इस बार वह छक्का मारेंगे और गेंद सीधे पवेलियन में गिरेगी। दूसरी ओर, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू के नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह ने जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया है। इस घटनाक्रम से भी एनडीए के भीतर राजनीतिक खींचतान की चर्चा तेज हुई है।
इस पूरे मामले में नवल किशोर यादव और अनंत सिंह का पक्ष महत्वपूर्ण है। डॉ. संजीव कुमार ने जो आरोप लगाए हैं, उन पर दोनों नेताओं की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। फिलहाल, राजद प्रत्याशी के बयान ने सेंट्रल मॉल की जमीन, अनंत सिंह और नवल किशोर यादव से जुड़े पुराने विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है। संबंधित नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही इस मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। यह खबर डॉ. संजीव कुमार के बयान और वायरल वीडियो में किए गए दावों पर आधारित है। मारपीट या जमीन पर कब्जे के आरोपों की पुष्टि देशज टाइम्स नहीं करता है।
सेंट्रल मॉल विवाद: पूर्व विधायक का चौंकाने वाला दावा
डॉ. संजीव कुमार, जो खुद जेडीयू के पूर्व विधायक रह चुके हैं, ने मीडिया से बातचीत के दौरान इस पुरानी घटना का जिक्र किया। उनके मुताबिक, पटना स्थित सेंट्रल मॉल को लेकर अनंत सिंह और नवल किशोर यादव के बीच विवाद हुआ था। संजीव कुमार ने स्पष्ट तौर पर कहा कि जब अनंत सिंह ने सेंट्रल मॉल के लिए जमीन खरीदी थी, उस समय नवल किशोर यादव विधान पार्षद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि नवल किशोर यादव अपने कुछ लोगों के साथ वहां पहुंचे थे, जिसके बाद अनंत सिंह ने उनकी पिटाई की। इतना ही नहीं, संजीव कुमार के दावे के अनुसार, नवल किशोर यादव को बांधा गया और फिर गाड़ी में बैठाकर वहां से हटा दिया गया था।
नवल किशोर यादव की नाराजगी और डॉ. संजीव का विश्लेषण
दरअसल, यह पूरा विवाद तब गरमाया जब हाल ही में एनडीए की एक महत्वपूर्ण बैठक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लोक सेवक आवास पर हुई। यह बैठक एमएलसी चुनाव को लेकर बुलाई गई थी, जिसमें एनडीए के सभी प्रमुख नेता मौजूद थे। बैठक में शामिल होने के दौरान जब पत्रकारों ने नवल किशोर यादव से अनंत सिंह के बारे में सवाल पूछा, तो वे भड़क गए। उन्होंने कहा,
‘बै (हद है), जो न पूछे सो खेसारी के दाल और अनंत सिंह और फलना सिंह।’
नवल किशोर यादव की इस प्रतिक्रिया पर ही डॉ. संजीव कुमार ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अनंत सिंह का नाम सामने आने पर नवल किशोर यादव आज भी परेशान हो जाते हैं, क्योंकि उन्हें सेंट्रल मॉल में हुई कथित पिटाई की घटना याद है।
कौन हैं डॉ. संजीव कुमार?
डॉ. संजीव कुमार पेशे से चिकित्सक हैं और पटना में उनका एक बड़ा पैथोलॉजी-रेडियोलॉजी लैब भी चलता है। वह पहले खगड़िया जिले के परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से जेडीयू के विधायक हुआ करते थे। 2024 में नीतीश कुमार के फ्लोर टेस्ट के दौरान उन पर बागी होने का आरोप लगा था, जिसके बाद उन्होंने राजद का दामन थाम लिया। अब राजद ने उन्हें पटना शिक्षक सीट से एमएलसी उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा है। उनके इस सनसनीखेज दावे ने बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है, खासकर विधान परिषद चुनाव के माहौल में।







