Bihar Politics: बिहार की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी तेज हो गई है, खासकर इंडिया गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट मार्च और दिल्ली में विपक्षी दलों के प्रदर्शन के बाद। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने इस मुद्दे पर विपक्षी खेमे को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने विपक्ष के इस कदम को पूरी तरह से गैरजरूरी बताया, साथ ही एक तीखा तंज कसते हुए कहा कि ‘सब नकारे हुए लोग दिल्ली जा रहे हैं।’
उपेंद्र कुशवाहा ने विपक्षी नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि जब चुनाव आयोग और अदालत जैसे संवैधानिक संस्थान अपना पक्ष स्पष्ट कर चुके हैं, तब इस मुद्दे पर बार-बार प्रदर्शन करने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा।
‘सुप्रीम कोर्ट मार्च’ पर तीखा सवाल, संस्थाओं के सम्मान की बात
आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने विपक्षी दलों की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि शुरुआत में इस मामले में कुछ भ्रम की स्थिति हो सकती थी, लेकिन अब संबंधित संस्थाएं अपनी स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट कर चुकी हैं। ऐसे में विपक्ष को आगे की गतिविधियों पर विचार करना चाहिए और ऐसे प्रदर्शनों से बचना चाहिए, जिससे आम लोगों को परेशानी हो। उनका मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में इस तरह की गतिविधियों की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है।
‘सब नकारे हुए लोग जा रहे हैं। जब चुनाव आयोग और अदालत अपना पक्ष स्पष्ट कर चुके हैं, तो इस मुद्दे पर बार-बार प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं है।’
कुशवाहा ने विपक्षी दलों के इस कदम को देशहित में भी नहीं बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब मामला पहले से ही अदालत में है, तो विपक्ष को संस्थागत प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अपनी बात रखनी चाहिए, न कि सड़कों पर उतरकर हंगामा करना चाहिए।
विधान परिषद चुनाव पर NDA का दावा, सभी 8 सीटों पर जीत का भरोसा
विपक्षी दलों पर हमला बोलने के साथ ही उपेंद्र कुशवाहा ने आगामी बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की जीत का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि इन सभी आठ सीटों पर एनडीए के उम्मीदवार ही विजयी होंगे। कुशवाहा ने गठबंधन की जीत को लेकर पूरा भरोसा जताया, जो राज्य में राजनीतिक समीकरणों को भी दर्शाता है। इस बीच, राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर हमला और ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी तेज हो गई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल बनी हुई है।
उपेंद्र कुशवाहा के इस बयान से बिहार की सियासत में गर्माहट साफ देखी जा सकती है, जहां एक ओर विपक्षी दल केंद्र सरकार पर हमलावर हैं, वहीं सत्ताधारी गठबंधन के नेता उन्हें लगातार घेर रहे हैं। आगामी विधान परिषद चुनाव और लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यह बयानबाजी और तेज होने की उम्मीद है।







