Bihar Cricket: अक्सर बड़े खिलाड़ियों के बच्चों की चर्चा क्रिकेट जगत में खूब होती है, लेकिन कई बार छोटे शहरों से आने वाले प्रतिभावान खिलाड़ी भी अपनी बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींच लेते हैं। ऐसा ही कुछ बिहार अंडर-19 टीम के बल्लेबाज अनमोल कुमार ने कर दिखाया है। उन्होंने हरियाणा के खिलाफ एक ऐसी तूफानी पारी खेली, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया, मगर उन्हें वो पहचान नहीं मिली जिसके वो हकदार थे।
अनमोल कुमार ने हरियाणा के खिलाफ सिर्फ 86 गेंदों में 184 रन ठोक दिए। उनकी इस अविश्वसनीय पारी में 18 गगनचुंबी छक्के और 11 चौके शामिल रहे। इस धमाकेदार प्रदर्शन की बदौलत बिहार की टीम ने 46.1 ओवर में 325 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी हरियाणा की टीम 288 रन ही बना सकी और वीजेडी मेथड के आधार पर बिहार ने यह मुकाबला 18 रन से अपने नाम कर लिया।
आर्यवीर सहवाग की पारी को मिली सुर्खियां, अनमोल की अनदेखी क्यों?
जिस दिन अनमोल कुमार ने यह ऐतिहासिक पारी खेली, उसी दिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग ने भी वीनू मांकड़ ट्रॉफी में शानदार बल्लेबाजी की थी। दिल्ली की कप्तानी कर रहे आर्यवीर ने 143 गेंदों में 173 रन बनाए थे, जिसमें 19 चौके और 8 छक्के शामिल थे। बीसीसीआई ने आर्यवीर की इस पारी के हाइलाइट्स अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा किए, जिससे उनकी पारी को खूब चर्चा मिली।
जब क्रिकेट प्रशंसकों को पता चला कि अनमोल कुमार ने उसी दिन महज 86 गेंदों में 184 रन की पारी खेली थी, तो उन्होंने बीसीसीआई के सोशल मीडिया पोस्ट पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कई फैंस का कहना है कि अनमोल की पारी को भी उतनी ही तवज्जो मिलनी चाहिए थी। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनकी तुलना युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी से भी की।
BCCI पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप
फैंस के एक बड़े वर्ग ने बीसीसीआई पर दोहरा रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका मानना है कि आर्यवीर के साथ वीरेंद्र सहवाग का नाम जुड़ा होने के कारण उन्हें अधिक सुर्खियां मिलती हैं, जबकि अनमोल जैसे छोटे शहरों से आने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और असाधारण प्रदर्शन को उतना प्रचार नहीं मिलता। यह स्थिति बिहार क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य के लिए चिंता का विषय है, जहां प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
क्रिकेट प्रशंसक ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘अनमोल कुमार ने 86 गेंदों में 184 रन बनाए, जिसमें 18 छक्के और 11 चौके थे, फिर भी बीसीसीआई ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। क्या यह सिर्फ इसलिए है क्योंकि उनके पीछे कोई बड़ा नाम नहीं?’
अनमोल कुमार की यह धमाकेदार पारी दिखाती है कि भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत है तो बस ऐसे खिलाड़ियों को पहचानने और उन्हें सही मंच देने की, ताकि वे भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर सकें। अब देखना होगा कि इस धमाकेदार पारी के बाद अनमोल को कितनी पहचान मिलती है और क्या बीसीसीआई छोटे शहरों के खिलाड़ियों की प्रतिभा को भी समान रूप से प्रोत्साहित करती है।








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