Trump Ukraine War: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है। ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की पर सीधा आरोप लगाया है कि वे युद्ध को खत्म नहीं करना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें यूरोप और अमेरिका से मिल रहे वित्तीय लाभों का लालच है। 19 अक्टूबर को वाशिंगटन से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रंप ने यह भी दावा किया कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष को खत्म करने की बातचीत में बड़ी प्रगति हुई है।
ट्रंप ने रविवार (स्थानीय समय) को अपने प्रयासों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने रूस के प्रति अपने प्रशासन के राजनयिक दृष्टिकोण का बचाव किया है। उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति पर यह भी आरोप लगाया कि जेलेंस्की दो साल पहले एक बेहतर समझौता करने में विफल रहे थे।
शांति वार्ता में ‘बहुत अच्छी प्रगति’ का दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में युद्धरत देशों के बीच समझौता कराने की अपनी रणनीति को ‘बहुत अच्छा और आसान’ बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रूस को बातचीत की मेज से दूर धकेलना ‘मूर्खता’ होगी।
ट्रंप ने लिखा, ‘रूस को लेकर मेरा फैसला सीधा है। मैं रूस और यूक्रेन के बीच शांति के लिए बातचीत कर रहा हूं। मैं ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहता जिससे रूस बातचीत की मेज से दूर चला जाए। इसमें बहुत अच्छी प्रगति हो रही है। वार्ता में बंधकों की रिहाई का मुद्दा भी शामिल है।’
उन्होंने यह भी दावा किया कि बंधकों की रिहाई से जुड़े बातचीत के दस्तावेज दोनों देश जब चाहें, उन पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
जेलेंस्की पर ‘ऊर्जा युद्धविराम’ तोड़ने का आरोप
ट्रंप ने रूस की तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेनी हमलों के लिए जेलेंस्की की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन हमलों से वैश्विक ऊर्जा बाजार को नुकसान पहुंच रहा है, जिसमें अमेरिकी बाजार भी शामिल है। इसके विपरीत, ट्रंप ने रूस की तारीफ करते हुए कहा कि मॉस्को ने कम कीमत पर डीजल बेचने पर सहमति जताई है।
दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि एक अस्थायी विराम की राजनयिक घोषणा के बावजूद, पिछले एक हफ्ते में मॉस्को ने उनके देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए दर्जनों हमले किए हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति की ‘ऊर्जा युद्धविराम’ की घोषणा के बाद से रूस ने जानबूझकर यूक्रेन के ऊर्जा, तेल और गैस क्षेत्रों पर 76 बार हमले किए हैं। ट्रंप ने रूस द्वारा ईरान की मदद करने के दावों पर भी बात की, हालांकि उन्होंने कहा कि मॉस्को का योगदान उसकी क्षमताओं के मुकाबले बहुत कम है।
युद्ध जारी रखने के पीछे ‘वित्तीय लाभ’
डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि जेलेंस्की संघर्ष को खत्म नहीं करना चाहते। उनके अनुसार, जेलेंस्की यूरोप और अमेरिका से मिलने वाले वित्तीय लाभों का फायदा उठाते रहना चाहते हैं, यही वजह है कि वे युद्ध को समाप्त करने के इच्छुक नहीं हैं। यह बयान रूस-यूक्रेन संघर्ष के भविष्य और अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों पर एक नई बहस छेड़ सकता है।
ट्रंप के इन आरोपों और दावों के बीच, रूस-यूक्रेन के बीच शांति वार्ता की दिशा और उसके परिणाम पर वैश्विक नजर बनी हुई है।







