Bihar Tejashwi Yadav: दशहरा के पावन अवसर पर बिहार की मौजूदा स्थिति को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सत्ता पक्ष पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राज्य की बदहाली के लिए ‘कुशासन रूपी दशानन’ को जिम्मेदार ठहराया। तेजस्वी यादव ने कहा कि इस दशानन के दस सिर बेरोजगारी, अशिक्षा, गरीबी और अपराध जैसे गंभीर मुद्दों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो बिहार को अंदर से खोखला कर रहे हैं।
प्रति व्यक्ति आय में बिहार देश का सबसे पिछड़ा राज्य बना हुआ है। अच्छे स्कूल, सड़क, अस्पताल इत्यादि जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी बिहार का एक बहुत बड़ा वर्ग वंचित है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार लगभग 04 करोड़ बिहारवासी हर साल काम के अभाव में पलायन करते हैं।
तेजस्वी का वार: ‘बिहार को खोखला कर रहा कुशासन रूपी दशानन’
विजयादशमी और दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में लिखा कि ‘बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक विजयादशमी एवं दशहरा की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।’ इसके तुरंत बाद उन्होंने बिहार की समस्याओं पर अपनी चिंता व्यक्त की।
बेरोजगारी, अशिक्षा, गरीबी, पलायन, अपराध, भ्रष्टाचार, अफसरशाही, बाढ़, सुखाड़ और कुशासन रूपी दशानन बिहार को अंदर से खोखला कर रहा है।
तेजस्वी यादव ने अपनी बात को पुष्ट करने के लिए कई आंकड़ों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि गया में दुर्गा पूजा के दौरान हुई खूनी वारदात, जिसमें दो सगे भाइयों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई, जैसी घटनाएं राज्य में बढ़ते अपराध का संकेत हैं।
भरपूर पोषण और संतुलित आहार की कमी से देश भर में हमारे बिहार की माताओं, बहन-बेटियों में खून की सबसे अधिक कमी है तथा सबसे अधिक बच्चे बौनेपन के शिकार हैं। पिछले कुछ दिनों में सड़कों पर बेटियों के साथ हो रही दरिंदगी और कानून व्यवस्था का जनाजा तो पूरे देश ने देखा।
आंकड़ों के आईने में बिहार की बदहाली
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बिहार की मौजूदा स्थिति पर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में बिहार देश का सबसे पिछड़ा राज्य बना हुआ है। इसके साथ ही, सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार लगभग 4 करोड़ बिहारवासी हर साल काम के अभाव में दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं।
इस दशहरा हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि बिहार से बेरोज़गारी, अशिक्षा, गरीबी, पलायन, अपराध, भ्रष्टाचार, अफसरशाही, बाढ़, सुखाड़ और कुशासन रूपी दशानन का दहन करेंगे तथा पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई, सुनवाई एवं कार्रवाई वाली एक सुदृढ़ व्यवस्था की नींव रखेंगे। हर हाथ को काम मिले और हर घर फूले-फले।
उन्होंने स्वास्थ्य और पोषण संबंधी चिंताओं को भी सामने रखा। तेजस्वी ने बताया कि भरपूर पोषण और संतुलित आहार की कमी के कारण देश भर में बिहार की माताओं, बहनों और बेटियों में खून की सबसे अधिक कमी पाई जाती है। इसके अलावा, राज्य में सबसे अधिक बच्चे बौनेपन (स्टंटिंग) के शिकार हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अच्छे स्कूल, सड़क और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाओं से आज भी बिहार का एक बहुत बड़ा वर्ग वंचित है।
तेजस्वी के तीर: पढ़ाई, कमाई, दवाई से कार्रवाई तक
अपने ट्वीट के साथ, तेजस्वी यादव ने एक प्रतीकात्मक तस्वीर भी साझा की। इस तस्वीर में भगवान राम को तीर चलाते हुए दिखाया गया है, जो ‘दशानन’ के सिरों पर लग रहे हैं। रावण के इन दस सिरों पर तेजस्वी द्वारा गिनाई गई समस्याएं – बेरोजगारी, अशिक्षा, गरीबी, पलायन, अपराध, भ्रष्टाचार, अफसरशाही, बाढ़, सुखाड़ और कुशासन – अंकित थीं। भगवान राम के तीरों पर ‘पढ़ाई, कमाई, दवाई, सिंचाई, सुनवाई और कार्रवाई’ लिखा था, जो इन समस्याओं के समाधान का प्रतीक थे। तस्वीर के नीचे बिहार का नक्शा भी दर्शाया गया था।
तेजस्वी यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में विभिन्न मुद्दों पर राजनीतिक गहमागहमी तेज है। उन्होंने अपने प्रतीकात्मक ट्वीट के जरिए सरकार को उन बुनियादी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की चुनौती दी है, जो लंबे समय से बिहार को विकास की दौड़ में पीछे धकेल रही हैं।








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