Bihar Road Project: बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पथ निर्माण विभाग ने बिहार के स्टेट हाईवे-95 (SH-95) यानी मानसी-फनगो हॉल्ट-सिमरी बख्तियारपुर पथ के अपग्रेडेशन, चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का ठेका दिया है। इस बड़े Bihar Road Project के पूरा होने से खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जिलों के लाखों लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना इन क्षेत्रों में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी।
781.65 करोड़ रुपये से बदलेगी सड़क की सूरत
इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना के लिए कुल 781.65 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, कुल 28.080 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण और अपग्रेडेशन किया जाएगा। यह सड़क मानसी में एनएच-31 (खगड़िया) से शुरू होकर सिमरी बख्तियारपुर में एनएच-107, जिसे अब नया एनएच-231 भी कहा जाता है, तक पहुंचेगी।
सड़क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा खगड़िया जिले में पड़ता है, जिसकी लंबाई 14.125 किलोमीटर होगी। वहीं, सहरसा जिले में इसकी लंबाई 13.955 किलोमीटर है। इस सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण से यात्रियों को पहले से कहीं अधिक बेहतर और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी, जिससे यात्रा का समय भी काफी कम हो जाएगा।
चार जिलों को सीधा लाभ, बढ़ेगा व्यापार और पर्यटन
SH-95 का विकास सिर्फ एक सड़क का निर्माण नहीं है, बल्कि यह आसपास के चार प्रमुख जिलों – खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल – के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाला एक पुल साबित होगा। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय निवासियों, छोटे-बड़े कारोबारियों और यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्रीय बाजारों तक पहुंच आसान होगी और वस्तुओं की आवाजाही भी अधिक सुविधाजनक बनेगी, जिससे इन जिलों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
कात्यायनी मंदिर तक पहुंचना होगा आसान
इस परियोजना का एक और महत्वपूर्ण लाभ प्रसिद्ध कात्यायनी मंदिर तक सड़क संपर्क का सुदृढ़ होना है। इससे दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में अत्यधिक सुविधा मिलेगी। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से भी यह परियोजना बेहद अहम मानी जा रही है।
पथ निर्माण विभाग का लक्ष्य है कि इस पूरे Bihar Road Project को अगले साल बरसात से पहले पूरा कर लिया जाए। यदि निर्धारित समयसीमा में काम पूरा होता है, तो न केवल लोगों को आधुनिक सड़क सुविधा मिलेगी, बल्कि इन चार जिलों की कनेक्टिविटी को भी एक नई और मजबूत पहचान मिलेगी, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।







