Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान ने राज्य की राजनीति में गर्मी बढ़ा दी है। भले ही सीटों की संख्या सीमित हो, लेकिन इसके राजनीतिक मायने काफी व्यापक माने जा रहे हैं, जिसने प्रमुख राजनीतिक दलों की बेचैनी बढ़ा दी है। सभी दल परिणामों को लेकर अपने-अपने समीकरणों का आकलन करने में जुटे हैं, क्योंकि यह चुनाव स्थानीय समीकरणों और उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़ के लिए अहम माना जा रहा है।
NDA-महागठबंधन की चुनौती और अनंत सिंह फैक्टर
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के लिए इन चुनावों में ‘अनंत सिंह फैक्टर’ खास चर्चा का विषय बना हुआ है। उनके प्रभाव और राजनीतिक सक्रियता को लेकर गठबंधन के भीतर और बाहर विभिन्न तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं, महागठबंधन के सामने राजद और कांग्रेस के बीच सीटों तथा राजनीतिक प्रभाव को लेकर चल रही खींचतान एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरी है। इन सबके बीच, कई निर्दलीय उम्मीदवार भी अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
जिन आठ सीटों पर मतदान होना है, उनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी सीटें शामिल हैं। इसके अलावा, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की पटना, दरभंगा, सारण और तिरहुत सीटें भी इस चुनाव का हिस्सा हैं। बुधवार शाम से चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा, जिसके बाद प्रत्याशियों को सीधे मतदाताओं के बीच अपनी पैठ पर निर्भर रहना होगा।
मतदाताओं और प्रत्याशियों का गणित
बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों के लिए कुल 933 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर 5,32,847 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों में कुल 150 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें स्नातक निर्वाचन की चार सीटों के लिए 90 और शिक्षक निर्वाचन की चार सीटों के लिए 60 प्रत्याशी शामिल हैं।
- स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों पर 4,92,594 मतदाता हैं।
- शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों पर 40,253 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
निर्वाचन क्षेत्रवार मतदान केंद्रों का ब्योरा
चुनाव आयोग ने सभी निर्वाचन क्षेत्रों में सुचारु मतदान के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 598 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 335 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। प्रशासनिक तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं, ताकि 23 अक्टूबर को मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
| निर्वाचन क्षेत्र का प्रकार | निर्वाचन क्षेत्र | मतदान केंद्रों की संख्या |
|---|---|---|
| स्नातक निर्वाचन क्षेत्र | पटना | 134 |
| स्नातक निर्वाचन क्षेत्र | कोसी | 181 |
| स्नातक निर्वाचन क्षेत्र | तिरहुत | 145 |
| स्नातक निर्वाचन क्षेत्र | दरभंगा | 138 |
| शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र | पटना | 80 |
| शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र | तिरहुत | 58 |
| शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र | दरभंगा | 99 |
| शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र | सारण | 98 |
यह विस्तृत व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि सभी मतदाता बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। इन चुनावों में स्थानीय राजनीतिक समीकरण, दलों के बीच तालमेल और उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिसका सीधा असर 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना के परिणामों पर दिखेगा।







