Bihar Airport: जो तस्वीर आप देशज टाइम्स पर देख रहे वो उड़ान की उम्मीद थी। मगर जो खबर आ रही है वो सालती है। बिहार के सहरसा और आसपास के जिलों के लोगों के लिए हवाई सफर का इंतजार अब और लंबा खिंच गया है। सहरसा एयरपोर्ट पर टर्मिनल भवन और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर के निर्माण के लिए जारी पहला टेंडर रद्द कर दिया गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के इस अचानक फैसले से परियोजना के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों की उम्मीदों को करारा झटका लगा है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने टेंडर रद्द करने के पीछे ‘प्रशासनिक कारणों’ का हवाला दिया है। हालांकि, वास्तविक वजहों का खुलासा नहीं किया गया है। इस निर्णय से सहरसा एयरपोर्ट के पहले चरण के निर्माण कार्य में अब अनिश्चितकालीन देरी होने की आशंका है। इस टेंडर के तहत चार कंपनियों ने अपनी बोलियां लगाई थीं, लेकिन अथॉरिटी ने पूरी प्रक्रिया को ही निरस्त कर दिया।
सहरसा एयरपोर्ट अपग्रेडेशन: पहले चरण को लगा झटका
सहरसा हवाई अड्डे का अपग्रेडेशन दो चरणों में होना प्रस्तावित है। पहले चरण में टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी टावर और अन्य महत्वपूर्ण भवनों का निर्माण शामिल था। इसके बाद दूसरे चरण में रनवे पुनर्निर्माण जैसे बड़े कार्य कराए जाने थे। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सहरसा हवाई अड्डे को कोड-2 बी टाइप के विमानों के संचालन लायक बनाने के लिए पहली निविदा 22 अप्रैल 2026 को जारी की थी। इस टेंडर में प्री-फैब स्टील स्ट्रक्चर टर्मिनल बिल्डिंग, प्री-इंजीनियर्ड एटीसी टावर, फायर स्टेशन और अन्य भवनों का निर्माण प्रस्तावित था।
निविदा 16 जून को खोली गई थी और इसकी प्रक्रिया 14 जुलाई तक पूरी हो चुकी थी। उम्मीद थी कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा, लेकिन पिछले सप्ताह 14 अक्टूबर को अथॉरिटी ने अचानक इस पूरी प्रक्रिया को रद्द करने का फरमान सुना दिया। इस परियोजना की अनुमानित लागत 35.14 करोड़ रुपये तय की गई थी, और निर्माण कार्य को 15 महीने (450 दिन) में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।
इन कंपनियों ने लगाई थी बोली, अब नए सिरे से होगा टेंडर
पहले टेंडर में कुल चार कंपनियों ने अपनी-अपनी बोलियां लगाई थीं। इनमें आद्याराज डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, आनंद बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड, एमएचपीएल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और एससीसी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड एजेंसी शामिल थीं। अब इस टेंडर के रद्द होने के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को नए सिरे से टर्मिनल और एटीसी टावर के लिए निविदा जारी करनी होगी, जिससे निर्माण कार्य में और अधिक समय लगने की संभावना है।
दूसरी ओर, सहरसा एयरपोर्ट के रनवे पुनर्निर्माण और अन्य सिविल कार्यों के लिए दूसरा टेंडर सितंबर महीने में निकाला गया था। इस टेंडर की प्रक्रिया अभी चल रही है और इसमें दो कंपनियों ने बोली लगाई है। पहले चरण के टेंडर के रद्द होने से अब यह पूरा अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट ही खटाई में पड़ता दिख रहा है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने ‘प्रशासनिक कारणों’ का हवाला देते हुए टेंडर को रद्द कर दिया।
क्या-क्या बनने की थी योजना?
सहरसा हवाई अड्डा अपग्रेडेशन परियोजना के तहत कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे विकसित किए जाने थे। रद्द किए गए पहले टेंडर में 1580 वर्ग मीटर में दो मंजिला टर्मिनल भवन, 165 वर्ग मीटर में एटीसी टावर और 451 वर्ग मीटर में फायर स्टेशन बनाने की योजना थी। इसके अलावा, रनवे की लंबाई 1000 मीटर और चौड़ाई 30 मीटर निर्धारित की गई थी। इस परियोजना से सहरसा और आसपास के जिलों के लोगों को आधुनिक हवाई यात्रा की सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब उन्हें इसके लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।







