Darbhanga Crime: बिहार के दरभंगा में चोरों का आतंक बढ़ गया है। जिले के केवटी प्रखंड में पिछले दो दिनों के भीतर तीन घरों में सेंधमारी कर लाखों रुपये की संपत्ति उड़ा ली गई है। इन वारदातों में कुल मिलाकर 20 लाख रुपये से अधिक के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी होने की बात सामने आई है। लगातार हो रही इन घटनाओं से स्थानीय लोग दहशत में हैं और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
ताजा मामला रैयाम थाना क्षेत्र के बाबुसलीमपुर गांव के वार्ड नंबर-4 का है, जहां 23 अक्टूबर की देर रात अज्ञात चोरों ने दो घरों को निशाना बनाया। राम-लखन साह और गुजन राम के घरों से नकदी समेत करीब 10 लाख रुपये मूल्य के जेवरात और अन्य कीमती सामान चोरी हो गए।
बाबुसलीमपुर में दो घरों से लाखों की चोरी: कैसे हुई वारदात?
चोरों ने बाबुसलीमपुर गांव में अपनी वारदात को अंजाम देने के लिए घर के पिछले हिस्से को चुना। जानकारी के मुताबिक, चोर राम-लखन साह के घर के पीछे से आंगन में दाखिल हुए। इसके बाद उन्होंने कमरे का ताला तोड़ा और घर में रखे नकदी तथा सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। चोरी गए जेवरात का मूल्य लगभग आठ लाख रुपये बताया गया है। इसी तरह, गुजन राम के घर से भी चोर करीब दो लाख रुपये के कीमती सामान लेकर फरार हो गए। इस घटना से इलाके में भय का माहौल है।
मुखिया के घर से भी उड़ाए थे लाखों के जेवर, अब तक क्या हुआ?
बाबुसलीमपुर की घटना से ठीक एक दिन पहले, 22 अक्टूबर की देर रात, चोरों ने केवटी थाना क्षेत्र के छतवन गांव में भी बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। वहां मुखिया मो. फैज के घर से एक लाख रुपये नकद सहित लगभग 10 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात चोरी हो गए थे। मुखिया मो. फैज के आवेदन पर स्थानीय थाने में मामला दर्ज कराया गया था, लेकिन अब तक चोरों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। लगातार चोरी की इन घटनाओं ने पुलिस की सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस का बयान और आगे की जांच: क्या मिलेगा चोरों का सुराग?
इन घटनाओं के संबंध में रैयाम थानाध्यक्ष रोशन कुमार टू ने बताया कि चोरी की वारदातें हुई हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बाबुसलीमपुर के गृहस्वामी की ओर से अभी तक कोई आवेदन नहीं दिया गया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए 25 अक्टूबर को एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर जांच करेगी। टीम के पहुंचने के बाद ही चोरी के इन मामलों में कोई ठोस सुराग मिलने की उम्मीद है, जिससे चोरों तक पहुंचा जा सके।






