Bihar Vidhan Parishad Chunav: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार विधान परिषद चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की शानदार जीत का दावा किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एनडीए के सभी उम्मीदवार इन चुनावों में विजयी होंगे। चिराग पासवान ने यह बात उस वक्त कही, जब जनता दल यूनाइटेड (JDU) द्वारा बाहुबली नेता अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने का बड़ा फैसला सामने आया है।
चिराग पासवान ने विधान परिषद की आठ सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों को लेकर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और JDU के प्रत्याशियों की जीत को लेकर उन्हें कोई संदेह नहीं है। उनके अनुसार, गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में भारी मतदान हुआ है।
चुनाव के दौरान एक सीट पर JDU के दो वरिष्ठ नेताओं के बीच व्यक्तिगत मतभेद की चर्चाएं सामने आईं। इस पर चिराग पासवान ने कहा कि इन मतभेदों का चुनाव परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि मतदाताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार को ध्यान में रखकर वोट दिया है। इन चुनावों के नतीजे 27 तारीख को घोषित होंगे।
तेजस्वी यादव को चिराग पासवान की सख्त नसीहत
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा सरकार के लिए ‘दो नंबरी’ और मुख्यमंत्री के लिए ’10 नंबरी’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर चिराग पासवान ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भाषा की मर्यादा बनाए रखने का मुद्दा उठाया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्ष को सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाने का पूरा हक है, और सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार है।
राजनीतिक विरोध के दौरान इस तरह की अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। नेता प्रतिपक्ष को सार्वजनिक जीवन में अपनी भाषा का ध्यान रखना चाहिए।
चिराग पासवान ने सरकार के कामकाज पर रचनात्मक चर्चा और व्यक्तिगत अपमान के बीच अंतर स्पष्ट किया।
अनंत सिंह पर JDU का फैसला: चिराग ने बताया आंतरिक मामला
अनंत सिंह की सदस्यता रद्द करने की मांग पर चिराग पासवान ने साफ किया कि यह जनता दल यूनाइटेड का आंतरिक विषय है। उन्होंने कहा कि इस मामले में दूसरे सहयोगी दलों के नेताओं को टिप्पणी करना सही नहीं होगा। JDU को ही मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए आगे का फैसला लेना चाहिए।
चिराग पासवान ने संकेत दिया कि नेताओं के बीच के व्यक्तिगत मतभेदों को गठबंधन की राजनीति से अलग करके देखा जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि इस मामले में जनता दल यूनाइटेड की भूमिका महत्वपूर्ण है, और पार्टी को ही परिस्थितियों के अनुसार अगला कदम तय करना होगा।







