Basti News: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां ‘पैंड़ा वाले बाबा’ गोविंद दास ने फेसबुक लाइव के दौरान कथित तौर पर जहरीला पदार्थ पी लिया। उन्होंने दावा किया कि बस्ती में बागेश्वर सरकार की कथा आयोजित कराने में असफल रहने के कारण उन्होंने यह गंभीर कदम उठाया।
इस घटना से मौके पर मौजूद उनके सहयोगियों में अफरा-तफरी मच गई। बाबा को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि देशज टाइम्स वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।
फेसबुक लाइव पर ‘मैं हार गया’ कहकर पीया जहर
पैंड़ा वाले बाबा गोविंद दास ने अपने आश्रम में फेसबुक लाइव के दौरान यह आत्मघाती कदम उठाया। वीडियो में वह बार-बार ‘मैं हार गया’ कहते हुए नजर आ रहे हैं।
उन्होंने बस्ती में बागेश्वर सरकार की कथा कराने के लिए बस्ती से पैदल यात्रा भी की थी। इसके अलावा, दुर्गा पूजा मेले के दौरान उन्होंने सड़क पर बैठकर कथा के नाम पर लोगों से सहयोग की अपील भी की थी।
फेसबुक लाइव के दौरान उन्होंने कहा, ‘मैं हार गया।’
बाबा गोविंद दास ने कुछ लोगों का नाम लेते हुए अपने माता-पिता का ख्याल रखने की गुजारिश की। उन्होंने यह भी कहा कि वह ऐसे ही आत्महत्या कर सकते थे, लेकिन यह उनकी आखिरी बात थी, इसलिए उन्हें ऐसा करना पड़ा। सभी से माफी मांगते हुए, उन्होंने एक शीशी में
रखा तरल पदार्थ पी लिया। इस खबर के फैलते ही उनके समर्थकों और सहयोगियों में चिंता का माहौल व्याप्त हो गया। हालांकि, उन्होंने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया और इसके पीछे की वास्तविक वजह क्या रही, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
पहले भी कर चुके हैं आत्महत्या का प्रयास
यह पहली बार नहीं है जब पैंड़ा वाले बाबा ने अपनी जान देने की कोशिश की हो। पिछले साल जून में भी उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। उस समय वह मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बाबा बागेश्वरधाम से फेसबुक पर लाइव थे और उन्होंने जहरीली दवा खा ली थी। बस्ती पुलिस की पहल पर छतरपुर चौकी पुलिस और बागेश्वर धाम के सेवादारों की मदद से उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।
मजार हटाकर मंदिर बनाने का विवाद
जानकारी के अनुसार, पैंड़ा वाले बाबा ने करीब सात साल पहले बस्ती के पैंड़ा में एक मजार बनवाई थी। वह वहीं रहकर झाड़-फूंक का काम करते थे। लेकिन पिछले साल उन्होंने इस मजार को हटाकर मंदिर बनाने का फैसला किया। उन्होंने मजार हटाकर मंदिर की नींव भी डाल दी थी, जिसके बाद इलाके में माहौल काफी गरमा गया था।







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