Muzaffarpur Police: बिहार के मुजफ्फरपुर में एक पीड़ित युवती को मानसिक रूप से परेशान करने और अश्लील बातें करने के आरोप में अहियापुर थाने के दारोगा ललन कुमार को निलंबित कर दिया गया है। शनिवार की सुबह एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने इस मामले में कठोर कार्रवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी किया। पुलिस बल के एक अधिकारी के इस अशोभनीय आचरण से महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक, युवती ने अपने प्रेमी नीरज नवाब पर धोखा देने, अश्लील तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर आठ लाख रुपये की ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया था। इसी संबंध में उसने अहियापुर थाने में केस दर्ज कराया था।
मामले की जांच में सामने आई दारोगा की करतूत
पीड़िता के केस की जांच का जिम्मा अहियापुर थाने के एसआई ललन कुमार को सौंपा गया था। आरोप है कि दारोगा ललन कुमार ने अपनी ड्यूटी निभाने की बजाय पीड़िता को ही मानसिक रूप से परेशान करना शुरू कर दिया। वह रात के समय लगातार फोन कर उससे अनुचित, अमर्यादित और आपत्तिजनक बातें करता था। दारोगा की इन हरकतों से तंग आकर युवती ने सीधे एसएसपी से शिकायत की।
‘उपलब्ध साक्ष्यों के सत्यापन के उपरांत यह तथ्य सामने आया कि पुअनि ललन कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पीड़िता के साथ संदिग्ध व अशोभनीय आचरण किया। यह कृत्य पुलिस की छवि को धूमिल करने वाला, कर्तव्यहीनता और घोर अनुशासनहीनता का परिचायक है।’
– एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा
एसएसपी ने लिया कड़ा संज्ञान, तत्काल निलंबन
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत एसडीपीओ नगर-2 को मामले की जांच का निर्देश दिया। एसडीपीओ ने पीड़िता से गहन पूछताछ की, जिसमें युवती ने दारोगा के साथ हुई बातचीत की कॉल डिटेल और रिकॉर्डिंग तक जांच अधिकारी को सौंपी। इसके बाद आरोपित दारोगा ललन कुमार से भी पूछताछ की गई। एसडीपीओ ने अपनी जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी, जिसमें दारोगा के खिलाफ लगे आरोप सही पाए गए।
रिपोर्ट के आधार पर, एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से दारोगा ललन कुमार को निलंबित कर दिया। उन्हें सामान्य जीवनयापन भत्ता पर रखा गया है। इसके साथ ही, दारोगा के खिलाफ विभागीय प्रोसीडिंग चलाने का भी आदेश दिया गया है, ताकि उसके इस गैर-जिम्मेदाराना और पद के दुरुपयोग वाले आचरण के लिए और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। यह घटना पुलिसकर्मियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाती है और विभाग के भीतर सख्त अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता को दर्शाती है।







