Bihar Makhana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में बिहार के पूर्णिया के मखाना का विशेष उल्लेख हुआ है। इससे बिहार के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय मंच पर एक नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया है। रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को लोक सेवक आवास में कार्यक्रम का 139वां एपिसोड सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लिए यह एक महत्वपूर्ण क्षण है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा मखाना की चर्चा से इसके उत्पादन से जुड़े किसानों, प्रसंस्करणकर्ताओं और ग्रामीण उद्यमियों को काफी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और उन्हें देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने की सख्त जरूरत है।
मखाना को मिलेगी वैश्विक पहचान, आजीविका के नए अवसर
सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ के माध्यम से पूर्णिया के मखाना की चर्चा कर बिहार के इस पारंपरिक उत्पाद को व्यापक पहचान दिलाई है। मखाना बिहार की कृषि और ग्रामीण आजीविका का एक अभिन्न अंग है। इसके उत्पादन, प्रसंस्करण और कारोबार से बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी पहुंच बढ़ने से उत्पादकों और कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
सीमांचल क्षेत्र, विशेषकर पूर्णिया और आसपास के इलाकों के लिए, मखाना की यह चर्चा बहुत मायने रखती है। इन क्षेत्रों में मखाना उत्पादन से जुड़े लोगों के लिए बाजार तक पहुंच, उचित मूल्य और उत्पाद की गुणवत्ता हमेशा से अहम मुद्दे रहे हैं। विदेशों में मांग बढ़ने से उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन तक, कई स्तरों पर रोजगार और काम के नए अवसर सृजित होंगे।
‘वोकल फॉर लोकल’ से अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने का प्रधानमंत्री का संदेश किसानों और छोटे उद्यमियों के लिए बेहद उपयोगी है। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ की पहल का जिक्र करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों की पहचान मजबूत करने के लिए बेहतर पैकेजिंग, प्रभावी विपणन और प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। इससे बिहार के पारंपरिक उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, ‘स्थानीय उत्पादों को देश और विदेश के बाजारों से जोड़ने का लाभ केवल किसानों तक सीमित नहीं रहेगा। इससे प्रसंस्करण, भंडारण, पैकेजिंग, परिवहन और विपणन जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर विकसित हो सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे कारोबार को बढ़ावा मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिल सकता है।’
इस ‘मन की बात’ एपिसोड में मखाना के अलावा स्वास्थ्य, विज्ञान और तकनीक से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि कार्यक्रम में अंगदान के प्रति जागरूकता, ई-संजीवनी, विज्ञान एवं अनुसंधान, मस्तिष्क अनुसंधान, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल रहे। उन्होंने विश्वास जताया कि किसानों, उद्यमियों और युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों से बिहार की आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सकती है।






