Bihar Police Conflict: बिहार पुलिस के भीतर अनुशासनहीनता और विवाद का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। राजधानी पटना के खगौल थाने में एक दरोगा ने सिपाही सह चालक की न सिर्फ पिटाई कर दी, बल्कि उस पर पिस्टल भी तान दी। इस घटना के बाद थाना परिसर में हड़कंप मच गया और पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अवैध वसूली को लेकर शुरू हुआ विवाद
यह पूरा घटनाक्रम दानापुर रेलवे स्टेशन के बाहर शुरू हुआ। शनिवार की शाम स्टेशन के बाहर वाहनों की भारी आवाजाही के कारण जाम की स्थिति बनी हुई थी। इसी दौरान गश्ती दल में शामिल सिपाही संजीत कुमार की नजर एक ऑटो एजेंट पर पड़ी, जो कथित तौर पर ऑटो चालकों से पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली कर रहा था। सिपाही संजीत कुमार ने उस एजेंट को पकड़ लिया, जिसके बाद विवाद की शुरुआत हुई।
थाने के भीतर दरोगा ने सिपाही को पीटा, तानी पिस्टल
आरोप है कि ऑटो एजेंट को पकड़े जाने के बाद खगौल थाने पहुंचने पर दरोगा राजेश राम और सिपाही संजीत कुमार के बीच कहासुनी हो गई। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दरोगा राजेश राम ने सिपाही संजीत कुमार की बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना यहीं नहीं रुकी; दरोगा ने आवेश में आकर अपनी सर्विस पिस्टल निकाली और सिपाही पर तान दी, जिससे थाना परिसर में अफरातफरी मच गई। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंची महिला सिपाही काजल कुमारी से भी दरोगा राजेश राम पर अभद्रता करने का आरोप है।
“आरोप है कि खगौल थाने पहुंचने के बाद दरोगा राजेश राम ने सिपाही सह चालक संजीत कुमार की पिटाई कर दी और पिस्टल निकालकर उस पर तान दी। बीच-बचाव करने पहुंची महिला सिपाही काजल कुमारी से भी अभद्रता किए जाने का आरोप है।”
इस घटना से बिहार पुलिस की छवि पर बुरा असर पड़ा है। विभाग के भीतर ही इस तरह की हिंसक झड़प और हथियार के दुरुपयोग ने आम जनता के मन में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उच्च अधिकारियों को इस पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और पुलिस बल का मनोबल बना रहे।






