Patna DEO: स्कूल भवन निर्माण में कथित अनियमितता का मामला पटना के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) के लिए महंगा साबित हुआ है। लोक शिकायत निवारण प्राधिकार ने उन पर 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई मांगी गई रिपोर्ट उपलब्ध न कराने और अधूरी जानकारी प्रस्तुत करने के बाद की गई।
प्राधिकार ने इस मामले की सुनवाई के दौरान अधिकारियों से स्पष्ट और अद्यतन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, रिपोर्ट को अधूरा पाए जाने पर प्राधिकार ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और यह जुर्माना लगाया।
वेतन से कटेगी जुर्माने की राशि
प्राधिकार के आदेश के अनुसार, जिला शिक्षा पदाधिकारी पर लगाया गया 2 हजार रुपये का जुर्माना उनके वेतन से काटकर सरकारी खाते में जमा किया जाएगा। इस कदम से प्रशासनिक लापरवाही पर नकेल कसने की कोशिश की गई है। मसौढ़ी के अंचलाधिकारी द्वारा भी अद्यतन प्रतिवेदन उपलब्ध न कराए जाने का उल्लेख सुनवाई के दौरान किया गया। प्राधिकार ने मामले में आवश्यक जानकारी और रिपोर्ट उपलब्ध कराने में हो रही देरी पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
क्या है पूरा मामला?
तिनेरी निवासी अधिवक्ता अजय कुमार ने श्री जगमोहन 10+2 उच्च माध्यमिक विद्यालय के भवन निर्माण में कथित अनियमितता और संबंधित विभागों की उदासीनता को लेकर लोक शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत के बाद लोक शिकायत निवारण प्राधिकार ने संज्ञान लिया। सुनवाई के दौरान प्राधिकार ने कई बार अंतरिम आदेश जारी कर पटना के जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी से इस संबंध में स्पष्ट रिपोर्ट मांगी थी। हालांकि, विद्यालय भवन निर्माण में कथित अनियमितता की प्रकृति और उसकी पुष्टि से संबंधित विस्तृत तथ्य उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं हैं।
अगली सुनवाई की तैयारी
इस मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3 बजे निर्धारित की गई है। प्राधिकार ने पटना के जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर अगली सुनवाई से दो दिन पहले स्पष्ट प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं। यह सुनवाई पटना स्थित शिक्षा विभाग के नए सचिवालय परिसर के विकास भवन में होगी। अगली सुनवाई में संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट और शिकायत से जुड़े तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्यवाही की जाएगी।







