Bihar Congress: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पटना दौरे के दौरान रविवार को बिहार कांग्रेस में मचे घमासान ने सबको चौंका दिया। गांधी मैदान स्थित बापू सभागार के ठीक बाहर पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु को पद से हटाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस घटना ने पार्टी के भीतर की गहरी नाराजगी को सार्वजनिक कर दिया।
कार्यकर्ताओं के हाथों में बैनर थे, जिन पर राजेश राम और कृष्णा अल्लावरु को ‘भाजपा का एजेंट’ बताते हुए उन्हें तत्काल हटाने और ‘कांग्रेस बचाने’ की मांग लिखी थी। यह प्रदर्शन बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित समारोह के दौरान हुआ, जिसमें शामिल होने के लिए मल्लिकार्जुन खरगे खुद पटना पहुंचे थे।
खरगे की मौजूदगी में लगे ‘BJP एजेंट’ के नारे
राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उपस्थिति में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने बिहार कांग्रेस की आंतरिक कलह को उजागर कर दिया। कार्यकर्ता पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर कर रहे थे। उनकी मुख्य मांग प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु को उनके पदों से हटाना थी।
बीजेपी का एजेंट बिहार कांग्रेस का अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी कृष्णा अल्लावरु हटाओ, कांग्रेस बचाओ।
एक तरफ बापू सभागार के भीतर पार्टी बिहार के पहले मुख्यमंत्री की जयंती मना रही थी, वहीं दूसरी तरफ आयोजन स्थल के ठीक बाहर पार्टी के ही सदस्य अपने शीर्ष प्रदेश नेताओं को हटाने की मांग कर रहे थे। इस
विरोधाभासी स्थिति ने पार्टी के भीतर मतभेदों को और भी स्पष्ट कर दिया। मल्लिकार्जुन खरगे के पटना पहुंचने पर ‘मोदी जेल नहीं जाएंगे’ वाले एक बयान को लेकर भी बवाल और पिटाई की खबर सामने आई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
बिहार कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान का बढ़ता दबाव
यह घटनाक्रम बिहार कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे पर इस तरह का सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन पार्टी की एकता और छवि पर सवाल खड़े करता है। आने वाले समय में प्रदेश नेतृत्व को इस अंदरूनी खींचतान से निपटना होगा, ताकि आगामी चुनावों में इसका असर पार्टी के प्रदर्शन पर न पड़े।








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