Bihar Politics: जनता दल यूनाइटेड (JDU) द्वारा मोकामा विधायक अनंत सिंह को पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद बिहार की राजनीति में भारी हलचल देखने को मिल रही है। इस कार्रवाई से भूमिहार समाज के एक बड़े वर्ग में नाराजगी स्पष्ट रूप से सामने आई है। पटना में पूर्व मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिंह की जयंती समारोह में जुटे लोगों ने अनंत सिंह के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई। उन्होंने सीधे तौर पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को इस फैसले के राजनीतिक खामियाजे भुगतने की चेतावनी दी है।
समर्थकों ने आरोप लगाया कि अनंत सिंह के खिलाफ यह कार्रवाई एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अनंत सिंह किसी भी राजनीतिक दल के मोहताज नहीं हैं और पूरा भूमिहार समाज उनके साथ चट्टान की तरह खड़ा है। इस दौरान कई तीखे बयान भी सामने आए, जिसने सूबे की सियासत को गरमा दिया है।
एक समर्थक ने कहा, ‘अनंत सिंह शेर हैं, शेर।’ वहीं, दूसरे ने कहा, ‘हमारे लिए पार्टी से पहले अनंत सिंह हैं।’
JDU के फैसले पर भड़के समर्थक, NDA को भुगतने की चेतावनी
समारोह में मौजूद लोगों ने JDU के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, इसके बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। इसे सरासर गलत बताते हुए, उन्होंने अनंत सिंह के साथ हुई साजिश का दावा किया।
भूमिहार समाज के इन नेताओं ने एक बड़ा दावा भी किया कि अनंत सिंह के पार्टी छोड़ने से लगभग 20 विधायक टूट सकते हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि कितने विधायक वास्तव में उनके समर्थन में कोई राजनीतिक कदम उठाएंगे। इस दावे ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
अनंत सिंह भूमिहार समाज की शान, कई दल बुला रहे
अनंत सिंह के समर्थकों ने दावा किया कि कई राजनीतिक दल उन्हें अपनी पार्टी में शामिल करने के लिए संपर्क कर रहे हैं। उनके अनुसार, अनंत सिंह की अपनी एक अलग राजनीतिक पहचान है और वह किसी भी दल पर निर्भर नहीं हैं। उन्होंने साफ कहा कि अनंत सिंह भूमिहार समाज की शान हैं और उनके लिए पार्टी से ऊपर अनंत सिंह का सम्मान है।
पार्टी ने शनिवार को मोकामा विधायक अनंत सिंह को छह साल के लिए JDU से निष्कासित कर दिया। उनकी प्राथमिक सदस्यता भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई। इसके साथ ही, JDU ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है। पार्टी ने पूर्व विधायक नीलम देवी को भी छह साल के लिए निष्कासित किया है, दोनों पर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगाए गए हैं।
आगे क्या होगा: NDA के लिए बढ़ी मुश्किलें?
अनंत सिंह का मोकामा क्षेत्र में मजबूत राजनीतिक आधार रहा है। भूमिहार समाज द्वारा खुलकर दिए गए इस समर्थन के बाद, NDA के लिए आने वाले समय में राजनीतिक मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस घटनाक्रम का आगामी चुनावों और गठबंधन की रणनीति पर गहरा असर पड़ सकता है, क्योंकि एक बड़े समाज की नाराजगी गठबंधन के समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।







