Bihar Education Department: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के पहनावे को लेकर बिहार शिक्षा विभाग ने अब सख्त रवैया अपनाया है। विभाग की ओर से जारी नए निर्देशों के मुताबिक, राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में कार्यरत कर्मचारी अब सिर्फ औपचारिक ड्रेस में ही स्कूल आएंगे। इसका सीधा मतलब है कि शिक्षक स्कूल परिसर में जींस और टी-शर्ट पहनकर नहीं आ सकेंगे।
जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग के नए अपर मुख्य सचिव (ACS) आईएएस अधिकारी सीके अनिल ने इस संबंध में राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को एक पत्र भेजा है, जिसमें इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
स्कूलों में बढ़ेगा AI का इस्तेमाल: शिक्षा मंत्री का आदेश
शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड के साथ ही, बिहार शिक्षा विभाग अब सरकारी स्कूलों में तकनीक के उपयोग को भी बढ़ावा देने की तैयारी में है। विभाग ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ाने का निर्देश दिया है। इसके तहत, स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को AI टूल्स का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में AI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे न केवल समय बचेगा, बल्कि रोजमर्रा के सरकारी कामकाज को आसान बनाने और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी इस संबंध में एक विस्तृत योजना तैयार करने का आदेश दिया था।
10 हजार कर्मचारियों का होगा तबादला, नियमावली में बदलाव संभव
दूसरी तरफ, बिहार शिक्षा विभाग में एक और बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिलेगा। विभाग के जिला और क्षेत्रीय कार्यालयों में लंबे समय से एक ही जगह पर तैनात कर्मचारियों के तबादले की तैयारी चल रही है। प्रस्ताव के मुताबिक, ऐसे कर्मचारी जो पिछले 10 वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं, उन्हें दूसरे जिले या कार्यालय में भेजा जा सकता है। इस प्रक्रिया के तहत करीब 10 हजार कर्मचारियों के तबादले की तैयारी है। इसके लिए राज्यस्तरीय कैडर बनाने पर विचार किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर मौजूदा नियमावली में भी बदलाव किए जा सकते हैं।
तेजतर्रार छवि वाले IAS सीके अनिल को मिली कमान
बिहार सरकार ने शिक्षा विभाग में नए अपर मुख्य सचिव (ACS) के रूप में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सीके अनिल को जिम्मेदारी सौंपी है। सीके अनिल की पहचान एक तेजतर्रार और सख्त प्रशासनिक अधिकारी के रूप में रही है। सीवान के जिलाधिकारी रहते हुए उन्होंने बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन के प्रभाव को चुनौती दी थी, जिसकी चर्चा राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी हुई थी।
सीके अनिल के नेतृत्व में शिक्षा विभाग में कई बड़े बदलावों की उम्मीद की जा रही है, जो बिहार की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं। उनके इन फैसलों से राज्य की शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ने की संभावना है।

















