Bihar Road Repair: मधुबनी में आम नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित कराने के लिए जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने एक व्यापक पहल की है। ‘कायाकल्प अभियान’ के तहत जिले की सड़कों और पुलों की मरम्मत का काम तेज कर दिया गया है। इस कदम से खासकर पर्व-त्योहारों के दौरान महिलाओं, व्रतियों और श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।

जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने आज इस अभियान की घोषणा करते हुए बताया कि जिले की आधारभूत संरचनाओं को मजबूत बनाने के लिए कुल 69 जांच टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में संबंधित विभागों के सहायक अभियंता, कनीय अभियंता और प्रखंडों के वरीय पदाधिकारी शामिल हैं। उनका मुख्य कार्य सड़कों, क्षतिग्रस्त हिस्सों, गड्ढों और पुल-पुलियों की स्थिति का विस्तृत आकलन कर तत्काल रिपोर्ट सौंपना है।
महिलाओं और श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं, व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुविधा, सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। पर्व के दौरान और उसके बाद भी लोगों को अपने घरों से घाटों तक पहुंचने या अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन में कोई कठिनाई न हो, यह सुनिश्चित किया जा रहा है।
‘आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं, व्रतियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा, सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला पदाधिकारी श्री आनंद शर्मा ने जिले की सड़कों एवं पुलों की व्यापक जांच एवं आकलन कर आवश्यक मरम्मत सुनिश्चित कराने का निर्णय लिया है।’
मरम्मत कार्य में देरी पर होगी सख्त कार्रवाई
जांच टीमों से रिपोर्ट मिलते ही पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अधीन आने वाली सड़कों व पुलों की मरम्मत का काम शुरू हो जाएगा। जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंताओं को सख्त निर्देश दिए हैं।
‘जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जांच प्रतिवेदन प्राप्त होते ही मरम्मत कार्य अविलंब प्रारंभ करें ताकि आम लोग शीघ्र लाभान्वित हो सके। इस संबंध में जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंताओं को कहा है कि सड़कों एवं पुलों की मरम्मत में किसी प्रकार की शिथिलता अथवा अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। साथ ही कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया है।’
आम लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
इस पहल से मधुबनी के आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों से छठ घाटों तक जाने वाली महिलाओं, व्रतियों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित होगा। सड़कों के गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत से दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। यह कदम दैनिक जीवन को आसान बनाएगा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुधारेगा और विद्यार्थियों के स्कूल आने-जाने में भी सहूलियत देगा। कायाकल्प अभियान के तहत पहले से ही सरकारी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, और अब यह सड़कों और पुलों तक फैल गया है।
जिला प्रशासन की यह सक्रियता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाती है कि सिर्फ पर्व के अवसर पर अस्थायी सुविधा नहीं, बल्कि जिले की आधारभूत संरचना को स्थायी रूप से बेहतर बनाना ही प्रमुख लक्ष्य है। 69 टीमों के माध्यम से जमीनी स्तर पर जांच और समयबद्ध मरम्मत की व्यवस्था इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।







