Bihar Anant Singh: मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह इन दिनों अपने एक खास दौरे को लेकर चर्चा में हैं. पटना से करीब 400 किलोमीटर का सफर तय कर वह प्रयागराज पहुंचे हैं. उनके साथ कारों का एक लंबा काफिला भी है और रास्ते में कई जगहों पर उनका जोरदार स्वागत किया गया. विधायक अनंत सिंह प्रयागराज में अपने पुराने दोस्त पप्पू सलमान के बेटे एहराज की दावत-ए-वलीमा में शिरकत करने गए हैं. एहराज का निकाह बहराइच में हुआ है.

अनंत सिंह ने इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सड़क मार्ग से जाने का फैसला किया. यह यात्रा उनकी दशकों पुरानी दोस्ती का प्रतीक है, जो राजनीतिक जरूरतों से परे है. उनकी यह यात्रा बिहार और यूपी के बीच एक अनोखे व्यक्तिगत संबंध को दर्शाती है.
कौन हैं पप्पू सलमान, जिनके लिए ‘छोटे सरकार’ ने तय की इतनी दूरी?
पप्पू सलमान का असली नाम सलमान अहमद है. उन्हें पप्पू मलावां के नाम से भी जाना जाता है. वह प्रयागराज के एक किसान हैं और समाजवादी पार्टी से पार्टी की स्थापना के समय से जुड़े हुए हैं. संगठन में उनकी जिम्मेदारी प्रयागराज गंगापार जिले के उपाध्यक्ष की है. वह सपा की राजनीति में जवाहर यादव उर्फ जवाहर पंडित के करीबी भी रहे हैं. पप्पू सलमान ने खुद कभी चुनाव नहीं लड़ा है. अनंत सिंह उन्हें पप्पू सलमान कहकर बुलाते हैं. दोनों का रिश्ता किसी राजनीतिक या चुनावी जरूरत से नहीं जुड़ा है, बल्कि उनकी दोस्ती करीब तीन दशक पुरानी है.
घोड़ों के शौक ने बनाई थी ‘छोटे सरकार’ और पप्पू सलमान की गहरी दोस्ती
अनंत सिंह को घोड़े पालने और उनकी रेस का बेहद शौक है. पप्पू सलमान भी घोड़ों के शौकीन हैं. दोनों की पहली मुलाकात आरा के जय कुमार सिंह ने कराई थी. इसके बाद घोड़ों के खेल को लेकर दोनों की दोस्ती गहरी होती चली गई. जब अनंत सिंह और पप्पू सलमान की मुलाकात हुई थी, तब पप्पू सलमान की शादी भी नहीं हुई थी. इसके बाद से दोनों एक-दूसरे के घर पारिवारिक खुशी और गम के मौकों पर आते-जाते रहे हैं.
पप्पू सलमान के पास चार घोड़े हैं, जिनमें सबसे महंगे घोड़े की कीमत 20 लाख रुपये से ज्यादा बताई जाती है. वहीं, अनंत सिंह के अस्तबल में करीब 8 से 9 घोड़े हैं. अनंत सिंह के चर्चित घोड़े का नाम ‘लाडला’ है, जो यूपी और बिहार में कई रेस जीत चुका है.
रास्ते में भव्य स्वागत और BHU जाने की भी योजना
अनंत सिंह ने शुरुआत में शाम 5 बजे तक प्रयागराज पहुंचने की योजना बनाई थी, लेकिन रास्ते में जोरदार स्वागत के कारण उनका काफिला मोहनिया में दो घंटे से ज्यादा की देरी से पहुंचा. चंदौली, वाराणसी और औराई समेत कई जगहों पर उनके स्वागत के लिए कार्यक्रम रखे गए थे. इस वजह से उनके रात 8 से 9 बजे तक या उससे भी देर से वलीमा समारोह में पहुंचने की संभावना जताई गई. उनकी योजना वाराणसी में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) जाकर महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर फूल चढ़ाने की भी है.
इस मुलाकात के दौरान अनंत सिंह अपने दोस्त पप्पू सलमान को अपनी छोटी बेटी शिवांगी सिंह की शादी का निमंत्रण भी देंगे. शिवांगी की शादी 25 नवंबर को होनी है. करीब तीन दशक से चली आ रही दोस्ती के बीच अब दोनों परिवारों के खुशी के मौकों पर भी एक-दूसरे की मौजूदगी बनी हुई है, जो इस रिश्ते की गहराई को और पुख्ता करती है.








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