Bihar Agniveer Yojana: देश सेवा का सपना देख रहे बिहार के युवाओं के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने अग्निवीर योजना में एक अहम बदलाव करते हुए सेवा अवधि को दो साल बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से अब अग्निवीर कुल छह साल तक सेना में सेवा दे पाएंगे, जिससे उनके लिए सशस्त्र बलों में स्थायी होने का रास्ता भी खुल सकता है। भागलपुर में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन उनकी उम्मीदें यहीं खत्म नहीं होतीं।

केंद्र सरकार की ओर से अग्निपथ योजना में किए गए इस बदलाव से अग्निवीरों को अब दो साल का अतिरिक्त सेवाकाल मिलेगा। पहले यह अवधि चार साल थी, जो अब बढ़कर छह साल हो जाएगी। यह निर्णय उन हजारों युवाओं के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो सेना में शामिल होकर देश की सेवा करना चाहते हैं। भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड मैदान में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवा इस फैसले से बेहद उत्साहित हैं।
युवाओं की क्या हैं नई मांगें?
भले ही सेवा अवधि बढ़ाई गई है, लेकिन युवाओं की मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं। बिहार के युवा चाहते हैं कि अग्निवीरों को केवल छह साल तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनकी सेवा अवधि को सात से दस साल तक बढ़ाया जाए। उनका मानना है कि अग्निवीरों को भी नियमित सैनिकों की तरह ही सम्मान, सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। युवाओं का कहना है कि यह बदलाव सेना में जाने का सपना देख रहे उनके जैसे युवाओं के उत्साह और मनोबल को और बढ़ाएगा।
सेना की वर्दी सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि देश की सेवा और सम्मान का सपना है। हम चाहते हैं कि अग्निवीरों को भी नियमित सैनिकों की तरह ही सभी सुविधाएं मिलें और उनकी सेवा अवधि कम से कम 10 साल की जाए।
सैंडिस कंपाउंड में बढ़ा जोश
भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड मैदान में हर सुबह 4 से 5 बजे के बीच युवाओं की भीड़ जुटती है। कोई दौड़ लगाकर अपनी शारीरिक क्षमता बढ़ाता है, तो कोई विभिन्न शारीरिक अभ्यासों के जरिए खुद को सेना भर्ती के लिए तैयार करता है। इन युवाओं के लिए सेना की वर्दी सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि देश की सेवा और सम्मान का सपना है। ऐसे में अग्निवीर योजना में सेवा अवधि बढ़ाने के फैसले को वे अपने भविष्य से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देख रहे हैं।
सरकार के इस फैसले ने निश्चित रूप से अग्निवीरों और सेना में जाने की तैयारी कर रहे युवाओं में नई उम्मीदें जगाई हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार युवाओं की अन्य मांगों, खासकर सेवा अवधि और नियमित सैनिक बनने के अवसरों को लेकर आगे क्या कदम उठाती है। यह देखना होगा कि क्या आने वाले समय में अग्निवीरों को नियमित सैनिकों के समान सम्मान और सुरक्षा मिल पाती है या नहीं।







