
दरभंगा, देशज टाइम्स ब्यूरो। डीएमसीएच में सोमवार को डीएमसी के मेडिको ने जमकर हंगमा किया। इमरजेंसी में आकर नारेबाजी करते हुए इलाज व्यवस्था को ठप कर दिया। इससे पूरे परिसर में अचानक खासकर इमरजेंसी विभाग में अफरा-तफरी का माहौल हो जाने से मरीज व उसके परिजन हतप्रभ रह गए। हंगामा चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र कर रहे थे। इनकी नाराजगी यह थी कि परीक्षा सेंटर डीएमसी में नहीं कर मुजफ्फरपुर एमआईटी कॉलेज कर दिया गया था। इससे नाराज छात्रों ने जमकर हंगामा करते हुए इमरजेंसी को ठप कर दिया। घटना शाम पांच बजे होने से अधिकांश मरीज उस दौरान कहीं बाहर भी निकल पा रहे थे जबकि परिजन भी हलकान बने रहे। छात्रों का कहना था कि दूसरे मेडिकल कॉलेज में चतुर्थ सेमेस्टर कर परीक्षा अपने गृह जिला में रखा गया है, लेकिन यहां छात्रों का परीक्षा मुजफ्फरपुर दे दिया गया है। इसको लेकर छात्रों ने डीएमसीएच के अस्पताल अधीक्षक व प्रधानाचार्य से बात की लेकिन कोई हल नहीं निकलता देख छात्रों ने इमरजेंसी से मरीजो को बाहर निकाल दिया। इतना ही नहीं डॉक्टरों व कर्मचारियों को भी बाहर करते हुए पूरी तरह चिकित्सा व्यवस्था ठप कर दी। इमरजेंसी के सामने ही छात्र बैठ गए और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।इस दौरान गंभीर मरीजो को भी छात्रों ने नहीं बख्शा और आक्रोश जताते उन्हें वहां से भगा दिया। इससे कई गंभीर मरीजों की हालत चिंताजनक बन गई कुछ वहां से निजी क्लीनिक भागे कुछ वहीं जमे कराहते रहे। हड़ताल से डीएमसीएच के अन्य विभागों में भी असर पड़ा। अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरआर प्रसाद ने बताया कि हड़ताल करने व आपातकालीन विभाग को ठप करना कही से भी उचित नहीं है। छात्रों की समस्या को कुलपति से लेकर बिहार सरकार को अवगत करा दिया गया है। वहीं सारे मामले की जानकारी जिला प्रशासन को दे दी गई है। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। कहा कि जिला प्रशासन चाहे, तो आपातकालीन विभाग खुलवा सकता है। हमारे डॉक्टर, नर्स, कर्मचारी काम करने को तैयार हैं लेकिन आपातकालीन विभाग में ताला झूलने से वहां के मरीजों पर इस ठंड के मौसम में आफत हीआफत है।









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