Mallikarjun Kharge: पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में उच्चतम न्यायालय से क्लीन चिट मिलने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। खरगे ने भाजपा और पीएम मोदी से मनमोहन सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोपों के लिए माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह के खिलाफ चला अभियान अब निरर्थकता पर पहुँच गया है और वे हर आरोप में बेदाग साबित हुए हैं।
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के एक लेख को साझा करते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ एक सुनियोजित और संगठित अभियान चलाया गया था, जिसमें नौकरशाही, मीडिया, न्यायपालिका और नागरिक समाज के साथ-साथ आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोग भी शामिल थे।
बेदाग साबित हुए मनमोहन सिंह, मोदी सरकार पर गंभीर आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जोर देकर कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह की ईमानदारी और जवाबदेही का रिकॉर्ड मौजूदा मोदी सरकार के कामकाज से बिल्कुल अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार ने अपराध और भ्रष्टाचार की जांच के लिए बनाई गई ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग राजनीतिक विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए किया है। खरगे ने यह भी कहा कि जो नेता विपक्ष में रहते हुए भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करते हैं, वे भाजपा में शामिल होते ही अचानक ‘पाक-साफ’ हो जाते हैं और कुछ मामलों में उन्हें मंत्री पद तक मिल जाता है।
“यह अभियान अब निरर्थकता के निष्कर्ष पर पहुंच गया है और डॉ. सिंह हर आरोप में बेदाग साबित हुए हैं। डॉ. सिंह की ईमानदारी और जवाबदेही का रिकॉर्ड मौजूदा मोदी सरकार के कामकाज से बिल्कुल अलग है।”
— मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस अध्यक्ष
‘रेनकोट’ टिप्पणी पर पीएम मोदी से माफी की मांग
खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ राजनीतिक हमलों में शामिल होने का दोषी ठहराया। उन्होंने 8 फरवरी, 2017 को राज्यसभा में पीएम मोदी की उस टिप्पणी का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने डॉ. सिंह पर ‘रेनकोट पहनकर नहाने’ संबंधी बात कही थी। खरगे ने इस टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि, “प्रधानमंत्री इन दिनों छात्रों को उनके खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए ‘माफ’ करने की बात कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें डॉ. सिंह के खिलाफ की गई अपनी टिप्पणी के लिए खुद को भी माफ कर देना चाहिए।”
उच्चतम न्यायालय ने 29 जुलाई को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही बंद करते हुए उन्हें समन जारी करने के आदेश को रद्द कर दिया था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार की, जिसमें डॉ. सिंह और अन्य आरोपितों को क्लीन चिट दी गई थी। न्यायालय ने उनके खिलाफ आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया था। इस फैसले के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
इतिहास मनमोहन सिंह को प्रभावशाली प्रधानमंत्री के रूप में याद करेगा
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इतिहास डॉ. मनमोहन सिंह को एक शांत, सौम्य लेकिन बेहद प्रभावशाली प्रधानमंत्री के रूप में याद करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि तत्कालीन राजनीतिक आरोपों के बजाय समय के साथ डॉ. सिंह के काम और उनकी विरासत का आकलन अधिक स्पष्ट रूप से होगा। यह फैसला कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक जीत है, जिससे पार्टी को भाजपा पर पलटवार करने का मौका मिला है।








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