बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। बिरौल का सुपौल बाजार। कहते हैं, दरभंगा के बाद पूरे जिले में इस बाजार की अपनी एक साख है। इस बाजार में खरीदारी करने वाले कई जगहों से पहुंचते हैं।






मगर, इस बाजार की सूरत पर अतिक्रमण का दाग लग चुका है। हाकिम हैं, कुछ सुनते नहीं, भूमि पर कब्जा करने की होड़ लगी है। लोग जगह कब्जा कर उसपर घर और दुकानें बनाकर भाड़ा पर लगा रहे हैं मगर, प्रशासन की नींद टूट नहीं रही। लोगों से देशज टाइम्स ने बात की तो पूरा ठीकरा जिसपर फूटा वह था अंचल प्रशासन, इस बारे में जब सीओ विमल कुमार कर्ण से बात हुई तो सुनिए उनका जवाब… पढ़िए उत्तम सेन गुप्ता की रिपोर्ट
प्रखंड मुख्यालय का प्रसिद्ध सुपौल बाजार में खरीदारी करने एवं अन्य कार्य के लिए आने वाले लोगों को प्रतिदिन चिलचिलाती धूप व गर्मी में जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
ऐसे में अंचल प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने के प्रति कुंभकर्णी नींद एवं मौन रहने से स्थानीय लोग सीओ की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगे हैं। इससे आक्रोशित लोग अंचल प्रशासन के विरोध सड़क उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
यह समस्या सुपौल बस स्टैंड से पुल घाट सब्जी मंडी, मास्टर चौक होते हुए हाटगाछी तक दुकानदारों के द्वारा सड़कों पर दुकान सजा देने के कारण उत्पन्न हो रही है। इतना ही नहीं, भूमाफिया कमेटी ने सरकार की जमीन को गलत तरीके से कागजात तैयार कर उस पर आलिशान मकान बनाकर एवं सड़क पर दुकान लगवा कर प्रति माह हजारों रुपए बतौर भाड़ा वसूल कर रहे हैं।
भवन के सामने सड़क पर दुकान लगाने की इजाजत देकर ये भूमाफिया वैसे दुकादार से आग्रिम के रूप में 30 से 50 हजार रुपये पहले भुगतान ले लेते हैं।
कहते हैं, सुपौल बाजार में खरीदारी करने आने वाले लोग
सुपौल बाजार में खरीदारी करने आने वाले संतोष महतो, राजेंद्र राम,विकास कुमारा, रामकुमार झा,लीला कांत झा सहित दर्जनों लोगों का कहना है कि भूमि सरकार की मालामाल हो रहे हैं भूमाफिया। वहीं, इस समस्या से अंचलाधिकारी को कई बार अवगत कराया जा चुका है। बावजूद सड़क एवं सरकारी जमीन से आज तक अतिक्रमण हटाने के प्रति अंचल प्रशासन संवेदनशील नहीं हैं।
पढ़िए क्या कहते हैं सीओ विमल कुमार कर्ण
इधर, सीओ विमल कुमार कर्ण से जब देशज टाइम्स ने बात की तो उनका कहना था, वरीय अधिकारी का निर्देश मिलने के बाद हम अतिक्रमण मुक्त अभियान चलाएंगे।








