बेनीपुर, देशज टाइम्स ब्यूरो। उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार दरभंगा एसएसपी की जांच से ट्रैक्टर के खरीद में फर्जीवाड़ा के आरोप में कई पदाधिकारियों की बोरिया बिस्तर गोल होने की प्रबल संभावना बन रही है। जिले के वरीय आरक्षी अधीक्षक अवकाश कुमार ने आज बहेड़ा थाना पहुंचकर मामले की विस्तृत जांच की।
जानकारी के अनुसार, घनश्यामपुर के पूर्व जिप सदस्य दीपक कुमार मिश्र वर्ष 2010 में बहेड़ा थाना अंतर्गत घोंघेया निवासी सुरेश साहू के हाथों शपथ पत्र के सहारे अपना ट्रैक्टर बेचा था। इसे सुरेश साहू ने जिला परिवहन विभाग से मालिकाना हक स्थानांतरण कराने का वायदा किया था।
लेकिन, उक्त ट्रैक्टर वर्ष 2012 में बहेड़ा थाना क्षेत्र के नंदापट्टी गांव में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसमें महावीर सदा का मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर न्यायालय में मामला दर्ज होने के बाद सुरेश साहु ने फर्जी रूप से न्यायालय एवं थाना में उपस्थित होकर स्थाई जमानत प्राप्त कर लिया था।
लेकिन, मुआवजे के समय न्यायालय से सूचना के बाद दीपक मिश्रा हरकत में आए और उन्हें ₹500000 की राशि भुगतान करनी पड़ी। इस मामले को लेकर दीपक मिश्रा ने कई बार सुरेश साहू से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने गाड़ी बेच दिए जाने की बात बताते हुए घटना से इनकार किया।
अंततः दीपक मिश्रा ने उच्च न्यायालय की शरण लेकर उक्त मामले को लेकर याचिका दायर की। इसकी जांच के लिए उच्च न्यायालय में आरक्षी अधीक्षक को विशेष रूप से जांच करने को निर्देशित किया है।
आरक्षी अधीक्षक श्री कुमार जब इस मामले की जांच को लेकर बहेड़ा पहुंचे तो इसकी परत दर परत खुलने लगी। इसमें कई थाना पुलिसकर्मी सहित अधिवक्ता एवं गवाह भी जांच के दायरे में आ गए।







