मुख्य बातें
तीन वर्षों से नलकूप चालू नहीं होने से नाराज किसानों ने किया प्रदर्शन
लाखों खर्च के बावजूद धरातल पर मूर्त रूप नहीं ले सकी नलकूप योजना
तीन वर्ष पूर्व बिहार सरकार के लघु जल संसाधन विभाग के तत्वाधान में पंचायत स्तर से पोतगाह में गाड़ा गया था नलकूप
नलकूप में एक किसान की फंस गयी है करीब दस धुर जमीन, बढ़ रहा है आक्रोश
नलकूप चालू होने से करीब पांच सौ एकड़ जमीन की हो सकती है सिंचाई
फोटो देशज टाइम्स कैप्शन: पोतगाह गांव में अधूरे नलकूप के नजदीक प्रदर्शन करते किसान
हरलाखी, मधुबनी देशज टाइम्स ब्यूरो। प्रखंड अंतर्गत नहरनियां पंचायत के पोतगाह गांव में एक किसान के निजी जमीन पर करीब तीन वर्ष पूर्व गाड़ा गया नलकूप चालू नहीं होने से किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।






आक्रोशित किसानों ने नलकूप के नजदीक खड़े होकर स्थानीय जनप्रतिनिधि व विभाग के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी भी की। किसानों का कहना है कि वर्ष 19-20 में नलकूप गाड़ने के लिए तत्कालीन मुखिया के द्वारा जमीन की मांग की गई तो एक किसान साजन झा ने अपनी जमीन दी। जिस पर बिहार सरकार के लघु जलसंसाधन विभाग के तत्वाधान में करीब आठ लाख खर्च कर नलकूप गाड़ा गया।
नलकूप गाड़ने के बाद आगे के काम के लिए आश्वासन मिलता रहा। लेकिन तीन वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद नलकूप चालू करने की दिशा में कोई पहल नहीं की गयी। विभागीय लापरवाही के कारण सरकार के लाखों रुपए बर्बाद होने के साथ-साथ किसान की जमीन भी फंस गयी है। जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय किशोरी पासवान,नागेंद्र पासवान, साजन झा, रामदेव राम, बहादुर राम अंकित झा, भोगी पासवान, रामफल राम व रामप्रीत राम सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि सरकार के द्वारा किसानों को खुशहाल बनाने के लिए तरह-तरह की योजना लागू किया जाता है। लेकिन विभागीय उदासीनता एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण धरातल पर एक भी योजना मूर्त रूप नहीं ले रही है।
सभी योजना में सरकार की राशि व जमीन का दुरूपयोग हो रहा है। एक तो मानसून की आंखमिचौनी से किसान परेशान हैं। इस बार अपेक्षाकृत कम वर्षा होने से खरीफ फसल उपजाने में काफी समस्या हो रही है। लेकिन इस नलकूप के चालू होने से करीब पांच सौ एकड़ जमीन की पटवन समस्या दूर हो सकती है। स्थानीय किसान खुशहाल हो सकते हैं। यहां नलकूप योजना की आधी राशि खर्च कर योजना की शुरुआत तो की गई। लेकिन आधा काम होने के बाद विभाग व जनप्रतिनिधि दोनों निष्क्रिय हो गए। जिससे राशि व जमीन दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
किसानों ने वरीय अधिकारियों से इस मामले में संज्ञान लेकर किसानों की समस्या को दूर करने की मांग की है। इस संबंध में जलसंसाधन विभाग के कनीय अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि योजना के तहत आवंटित की गई राशि का कार्य करा दिया गया है। आगे स्थानीय जनप्रतिनिधि के द्वारा कार्य पूर्ण कर एमबी व उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा करने से भुगतान कर दिया जायेगा।








