जाले/कमतौल, देशज टाइम्स। चार दिवसीय करवा महावीरी झंडा महोत्सव मंगलवार से प्रारंभ हो गया। महोत्सव स्थल से कन्याएं अपने-अपने सिर पर कलश रख, पवित्र जल लेने के लिए तीन किमी दूर गाजे-बाजे के साथ सीमांत मधुबनी जिला के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव के पश्चिम खिरोई नदी से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र जल लेकर वापस उसी रास्ते महोत्सव स्थल करवा गांव के रामजानकी मंदिर का प्रदक्षिणा करते हुए झंडा महोत्सव स्थल पर पहुंची। वहां मौजूद विद्वान आचार्य पंडितों ने कलश की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कलश स्थापित कर चार दिवसीय महावीरी झंडा महोत्सव का शुभारंभ किया।जानकारी के अनुसार, भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह आयोजन करवा बाजार के निकट पिछले बीस वर्षो से हो रहा है। यहां के झंडोत्सव में मुस्लिम की अच्छी भागीदारी रहती है। सभी बढ़कर हिस्सा लेते हैं।
जिला प्रशासन की ओर से आदर्श आचार संहिता लागू होने के मद्देनजर महावीरी झंडोत्सव को शांतिपूर्ण व आपसी सौहार्द के बीच संपन्न कराने को लेकर चाक चौबंद पुलिसिया व्यवस्था की गई है। विधि व्यवस्था को लेकर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार पांडेय, कमतौल अंचल के पुलिस निरीक्षक बसंत कुमार झा, सीओ जाले कमल कुमार, बीडीओ जाले राजेश कुमार कमतौल थानाध्यक्ष अजीत कुमार, जाले थानाध्यक्ष शिवकुमार यादव, सिंहवाड़ा बीडीओ सिद्धार्थ कुमार झा, केवटी सीओ अजित कुमार झा, तारडीह सीओ अशोक कुमार यादव, केवटी थानाध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, रैयाम थानाध्यक्ष नितेश चौधरी, कार्यक्रम पदाधिकारी जाले रजनीश कुमार मौजूद थे। मौके पर झंडा कमेटी के अध्यक्ष मोहन गुप्ता, रामजानकी मंदिर के अध्यक्ष सैयद कमरुज्जमा उर्फ लाल साहब, अनिल कुमार सिंह, विमल किशोर सिंह, श्याम कुमार यादव, सैयद एजाज अनवर, सैयद तनवीर अनवर, रामहृदय यादव, महताब आलम, नथुनी यादव, संजय यादव, उपेंद्र यादव, रामसकल यादव, रेवी यादव, उमेश यादव, विद्यानंद यादव प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग में मौजूद थे।








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