Bihar Land Survey: बिहार में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण को लेकर राज्य सरकार बेहद गंभीर है। इसी कड़ी में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने पांच जिलों के अधिकारियों को रिकॉर्ड और दस्तावेजों के मामले में तत्काल कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए हैं। सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने जहानाबाद, लखीसराय, शिवहर, अरवल और शेखपुरा के अधिकारियों से विशेष सर्वेक्षण की प्रगति, दस्तावेजों की उपलब्धता और रिकॉर्ड को पोर्टल पर अपलोड करने की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर ही पूरा किया जाना है।
गायब दस्तावेजों पर मंत्री नाराज, अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी
समीक्षा बैठक के दौरान कुछ मौजों से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध न होने का गंभीर मामला सामने आया। इस पर मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तत्काल तय करने का निर्देश दिया। मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि सर्वेक्षण से जुड़े दस्तावेज भूमि रिकॉर्ड के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इनके सुरक्षित रख-रखाव में किसी भी स्तर पर कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रिकॉर्ड पोर्टल पर तुरंत अपलोड करने के निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों को सर्वेक्षण से जुड़े सभी रिकॉर्ड को प्राथमिकता के आधार पर पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। इस कार्य के लिए लेवल-7 के अधिकारियों को विशेष रूप से प्रतिनियुक्त किया जाएगा। इन अधिकारियों की मुख्य जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना होगा कि सर्वेक्षण पूरा होने तक सभी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड हो जाएं। इसके साथ ही, रिकॉर्ड की सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर उन्हें उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी इन्हीं अधिकारियों की होगी।
10 दिन बाद फिर होगी समीक्षा, मिशन मोड में काम का आदेश
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग अब इस महत्वपूर्ण कार्य की दोबारा समीक्षा 10 दिन बाद करेगा। अगली बैठक में राज्य के सभी असिस्टेंट सेटलमेंट ऑफिसर (एएसओ) और संबंधित पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। अधिकारियों को अगली समीक्षा बैठक से पहले निर्धारित मानकों के अनुसार प्रगति सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभाग के सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को ‘गैप एनालिसिस’ पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि सर्वेक्षण कार्य में आ रही कमियों और चुनौतियों की पहचान कर उन्हें समयबद्ध तरीके से दूर किया जा सके। मंत्री ने सभी अधिकारियों को ‘मिशन मोड’ में काम करने और समयसीमा के भीतर सर्वेक्षण पूरा करने पर जोर दिया।
विशेष सर्वेक्षण केवल जमीन के रिकॉर्ड को दुरुस्त करने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य भूमि अभिलेखों में पारदर्शिता लाना और भविष्य में जमीन से जुड़े विवादों को कम करना भी है। थानों में बड़ी संख्या में मामले भूमि विवाद से जुड़े होते हैं। ऐसे में समयबद्ध तरीके से विशेष सर्वेक्षण पूरा होने से जमीन के रिकॉर्ड को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने इस बात पर जोर दिया कि विशेष सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य भूमि अभिलेखों में पारदर्शिता लाना और भविष्य में होने वाले भूमि विवादों को कम करना है। उन्होंने बताया कि पुलिस थानों में दर्ज होने वाले कई मामले भूमि विवाद से ही संबंधित होते हैं। ऐसे में, इस सर्वेक्षण के समय पर पूरा होने से जमीन के रिकॉर्ड अधिक व्यवस्थित होंगे, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी और विवादों में कमी आएगी। पांच जिलों की समीक्षा के बाद अब दस्तावेजों की उपलब्धता, रिकॉर्ड अपलोड और काम की गति पर प्रशासनिक निगरानी और बढ़ाई गई है।







