दरभंगा, देशज टाइम्स। मिथिला स्टूडेंट यूनियन के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव व वर्तमान रिव्यू कमेटी सदस्य गोपाल चौधरी ने गुरुवार को देशज टाइम्स से खास बातचीत में जोर देकर कहा कि मिथिला विकास बोर्ड’ के गठन के बगैर मिथिला क्षेत्र का विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा, केंद्र व बिहार दोनों ही सरकार की प्राथमिकता में इस क्षेत्र का विकास है ही नहीं। श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहते हैं कि मिथिला के विकास के बिना बिहार का विकास संभव नहीं है, लेकिन उन्होंने नीतीश कुमार से प्रश्न पूछा, क्या सिर्फ भाषणों से विकास हो जाएगा।
चौधरी ने सवालिया लहजे में नीतीश कुमार पर हमलावर होते कहा, अपने तेरह सालों से ज्यादा के कार्यकाल में मिथिला के लिए नीतीश ने क्या किया। क्षेत्र के दर्जनों उद्योग धंधे बंद हैं। शिक्षा का बुरा हाल है। स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल है। विश्विद्यालयों में सत्तर फीसद के आसपास शिक्षकों के पद खाली हैं। बिहार में सबसे ज्यादा पलायन भी मिथिला क्षेत्र से ही होता है। इतना भयावह स्थिति होने के बाद भी सरकार किस मुंह से बिहार में बहार की बात करती है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए देशज टाइम्स को बताया कि केंद्र की मोदी सरकार भी इन पांच सालों में मिथिला के विकास के लिए कुछ नहीं किया है, न आईआईटी, न आईआईएम, न एम्स, न स्पेशल इकनोमिक जोन व न ही एलएनएमयू को केंद्रीय विवि का दर्जा, तो फिर किस अधिकार से फिर से वोट मांगने आ रहे हैं।सरकारों के अनदेखी को देखते हुए यूनियन ने आगामी पचीस फरवरी से एनएच 57 जाम करने का निर्णय लिया है। इससे पहले 17 फरवरी से आठ दिनों तक पदयात्रा के माध्यम से क्षेत्र के लोगों के बीच जनजागरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मिथिला डेवलपमेंट बोर्ड के गठन होने तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा।








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