दरभंगा, देशज टाइम्स। एकबारगी दरभंगा फिर दहल गया। गोलियों की खामोश तड़तड़ाहट व बहते खून ने एकबारगी फिर से दरभंगा पुलिस पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला जिले के सदर थाने के गढ़िया गांव से जुड़ा है। यहां के वार्ड आठ के सदस्य पवन पासवान के दिव्यांग वृद्ध पिता गनौर की भूमि विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। वारदात मंगलवार रात की है। मौके पर दालान पर पत्नी के साथ सोए पैंसठ वर्षीय दिव्यांग गनौर पासवान को अपराधियों ने बेहद चालाकी से गोली मार दी।
मौके पर गनौर की मौत हो गई। अपराधी इतने पेशेवर थे कि घटना को अंजाम देने व गोली मारने के बाद भी इसकी भनक तक परिजनों तो क्या बगल में सोयी पत्नी को तक रात में नहीं लगी। सुबह में देर तक गनौर के नहीं उठने पर आशंकित परिजनों को ने जब नजदीक जाकर देखा गनौर बिस्तर पर खून से लथपथ थे और उनकी लाश यूं ही मुंह बाए पड़ी थी।
बगल में सोयी पत्नी भी समझ नहीं सकी अपराधियों की चालाकी जानकारी के अनुसार, गनौर रात में परिजनों के साथ खाना खाने के दालान पर सोने चले गए। साथ में पत्नी मुनिया देवी भी सोयी थी। मगर मंदबुद्धि होने के कारण वह अपराधियों की हरकत से अंजान बनी रही और हद यह वह पति की हत्या के बाद भी उसी बिस्तर पर सोई रही।
हत्या के पीछे शुद्ध भूमि विवाद भले सरकार व जिला पुलिस व सामान्य प्रशासन भूमि विवाद को निबटाने की दिशा में कार्य करने का दावा लाख करे लेकिन दरभंगा जैसे शांत शहर में यह एक घाव की तरह फैल रहा है। मामूली भूमि विवाद में ही हत्याएं यहां आम है। गनौर की हत्या भी इसी भूमि विवाद से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, सदर थानाध्यक्ष शशिकांत सिंह मौके पर पहुंचकर तहकीकात शुरू कर दी है। लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेजा है। वहीं, मौके पर एएसआई शक्ति सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल कैंप कर रही है।
सुबह जब आंख खुली तो सिर्फ दिखा लाल खून सुबह परिजनों ने जब गनौर को जगाने की कोशिश की तो उसे वहां रक्तरंजित शव मिला जिसे देखते ही सबके होश उड़ गए। कोहराम मच गया। ग्रामीण जो जहां था वहीं से गनौर को देखने पहुंचने लगा।








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