
आकिल हुसैन, मधुबनी देशज टाइम्स ब्यूरो। पंडौल प्रखंड के सरिसवापाही स्थित सर गंगानाथ झा वाचनालय परिसर में आयोजित हस्तशिल्प कला सहयोग शिविर का डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि कला मधुबनी के घर-घर का अविभाज्य अंग है। यहां कला मां की ओर से अपनी बेटी व पिता की ओर से अपने बेटों को दी जाती है। माता-पिता की ओर से अपने बच्चों को कला सिखाया जाता है।
यहां यह परंपरा वर्षो से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि कला के प्रति कलाकारों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से यहां हस्तकला सहयोग शिविर का आयोजन किया गया है। इस शिविर के माध्यम से कलाकारों को शिल्पी पहचान पत्र, मुद्रा लोन व प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की जानकारी दी जाएगी। साथ ही उनसे आवेदन प्राप्त कर उन्हें इन सभी सुविधाओं का लाभ दिलाया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए डीएम ने कहा कि शिल्पियों

को हस्तशिल्प कला विभाग, भारत सरकार की ओर से शिल्पी पहचान पत्र उपलब्ध कराया जाता है जिससे कलाकारों को मिलने वाली सभी सुविधाओं का लाभ दिया जा सकें। साथ ही इन्हें मुद्रा लोन का भी लाभ मिल सकें। उन्होंने भौगोलिक संकेतक(जीआई) के बारें में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मात्र छह सौ रूपया देने पर जीआई रजिस्ट्रेशन हो जाता है। जिसके बाद संबंधित कलाकार को एक लोगो उपलब्ध कराया जाता है जिससे कि आपके उत्पाद की पहचान आसानी से हो सकें और उसे उचित दाम मिल सके। उन्होंने कहा कि मधुबनी जिले में सबसे अधिक लगभग पचास हजार निबंधित कलाकार है।

जो सिर्फ मधुबनी पेंटिंग के ही नहीं है। वे सिक्की,सुजनी, टेराकोटा, पेपमेसी के भी हैं। कलाकारों के लिए जिले की पहली उपलब्धि के रूप में मिथिला चित्रकला संस्थान,सौराठ का सौगात हमें सीएम की ओर से दिया गया है। सहायक निदेशक मुकेश कुमार ने बताया कि अन्य लोगों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का लाभ 330 रूपए देने पर मिलता है जबकि शिल्पियों को मात्र अस्सी रूपए देने पर इस योजना का लाभ मिल रहा है। शेष राशि भारत सरकार व एलआईसी की ओर से दिया जाता है। इस अवसर पर सहायक निदेशक हस्तशिल्प मुकेश कुमार, बीडीओ पंडौल महेश्वर पंडित, मुखिया, सरिसवपाही, राम बहादुर चौधरी, अमन कुमार झा समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।









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