आकिल हुसैन मधुबनी देशज टाइम्स। जिले के आठ पैक्स अध्यक्षों की ओर से धान अधिप्राप्ती को लेकर संबंधित राइस मिलों से एक हजार रूपया ननजूडिसियल पेपर पर राइस मिल व पैक्स अध्यक्षों के एकरारनामा बनाने का मामला गरमा गया है। एकरारनामा के बाद पैक्स अध्यक्षों ने इसे सहकारिता विभाग के कार्यालय में जमा किया। सहकारिता विभाग व एसएफसी ने मनमानी करके जिस राइस मिलों से एकरारनामा गया था उसको हटाकर दूसरे राइस मिल को टैग कर दिया है।
पैक्स अध्यक्षों की ओर से रहिका सेंट्रल को-अपरेटिव बैंक के अध्यक्ष ब्रह्मनंद यादव को यह जानकारी दी गई है। अध्यक्ष श्री यादव ने जिला सहकारिता पदाधिकारी से वार्ता करके पैक्स अध्यक्षों के जिस राइस मिल से एकरारनामा बनाया गया था वहीं पैक्सों को टैग रहने की बात कही गयी है। पैक्स अध्यक्षों के मौलिक अधिकार का हनन कर एसएफसी की ओर से मनमानी किया जा रहा है। जिला पदाधिकारी के जिला से बाहर रहने के कारण इस मामले में किसी प्रकार की पहल नहीं हुई है। बैंक अध्यक्ष श्री यादव ने जिला पदाधिकारी को फोन कर पैक्स अध्यक्षों की परेशानी की बात बताई जिसपर जिला पदाधिकारी ने बताया कि जल्द ही इस मामले का निपटारा कर सभी पैक्स को टैग कर दिया जाएगा।
वहीं, जिला सहकारिता पदधिकारी की ओर से मिल टायग का प्रस्ताव भेज जिला पदाधिकारी को भेज दिया जाएगा। इधर, पैक्स अध्यक्षों को धान अधिप्राप्ति करके बीस दिन से बेनाहक में सूद दिया जा रहा है। बैंक अध्यक्ष श्री यादव ने बताया कि पैक्स का मौलिक अधिकार है कि धान अधिप्राप्ति में जिस मिलरों से एकरारनामा करके विभाग उसी मिलर को उसी पैक्स से टैग किया जाना है। इसमें जो पदधिकारी एसएफसी की ओर से मनमानी करके सरकार के सबसे ज्यादा लाभकारी योजना धान अधिप्राप्ति में मिलरों की मनमानी करके बाधा पहुंचा रहा है। बताते चलें कि मधुबनी जिले का कोई भी मिलर कभी भी सरकार के दिशा निर्देश का पालन नही करते हैं। इतना ही बल्कि कभी अग्रिम सीएमआर नहीं दिया। यही कारण है कि सभी पैक्स अध्यक्ष परेशान रहते हैं।








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