आकिल हुसैन,मधुबनी देशज टाइम्स ब्यूरो। मिथिला के विकास के बिना बिहार का विकास संभव नहीं है। यह बात गुरूवार को जिले के सौराठ गांव स्थित संस्कृत हाई स्कूल के मैदान में आयोजित मिथिला चित्र कला संस्थान व मिथिला ललित संग्राहलय भवन के शिलान्यास कार्यक्रम समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कला संस्कृति विभाग को धन्यवाद देते हुए कहा कि वर्ष 2012 में मधुबनी आगमन के दौरान जितवारपुर गांव के लोगों से मधुबनी व मिथिला पेंटिंग चित्रकारों

से मिलकर इस संदर्भ में कई जानकारियां ली व उसी समय मिथिला पेंटिंग संस्थान खोलने के लिए ठानी। जिसे आज आप सबों के बीच हमें यह अवसर प्राप्त हुआ कि मिथिला चित्रकला संस्थान की नींव डाल रहा हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकला संस्थान व ललित संग्राहलय निर्माण के लिए जगह की तलाश शुरू कर दी, जिससे सौराठ स्थित संस्कृत विद्यालय परिसर को चयनित किया गया व अगस्त 2020 तक दोनों भवन का निर्माण पूरा होने की बात कही।

सीएम ने कहा, जगह-जगह सुनी मिथिला पेंटिंग की चर्चा
जगह-जगह मिथिला पेंटिंग की चर्चा को सुनने के बाद इस कार्य को आगे बढ़ाया। तत्काल मिथिला पेंटिंग कार्य मधुबनी में किराए के भवन में संचालित किया जाएगा। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा पुरस्कृत अचार्यो को चयनित कर इस संस्था में बहाली की जाएगी। इस संस्था को आर्यभट्ट ज्ञान विज्ञान के साथ जोड़ा गया है। अब तक तेरह चयनित लोगों में ग्यारह युवती का नामंकन किया गया है। श्री कुमार ने

कहा कि मिथिला पेंटिंग प्रषिक्षण लेने वाले लोगों को सरकार स्तर पर आर्थिक सहायता के साथ निःशुल्क मेंस व होस्टल की सुविधा प्रदान की जाएगी। प्रमाण पत्र लेने वाले प्रशिक्षु को छह माह की ट्रेनिंग के साथ एक हजार रूपए व डिग्री कोर्स वाले प्रशिक्षु को तीन साल प्रशिक्षण लेना होगा, जिसे पंद्रह सौ रूपये मासिक आर्थिक सहायता का लाभ दिया जाएगा।
अब पता चलेगा हम मिथिला पेंटिंग को कहां तक ले जाने के लिए हैं संकल्पित
उन्होंने कहा कि मिथिला पेंटिंग में खास कर युवती की दिलचस्पी देखी जा रही है जिसमें सभी वर्गों के लोगों को देखा गया। मिथिला पेंटिंग की धूम देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी देखी जा रही है। मुख्यमंत्री आवास कार्यालय सहित सभी अधिकारियों के कार्यालय व

रेलवे स्टेशनों के दिवारों को मिथिला पेंटिंग से सजाया गया है। पटना एयरपोर्ट के नए ट्रर्मिनल भवन व दरभंगा एयरपोर्ट को भी मिथिला पेंटिंग से सजाया जाएगा। शायद यहां के लोगों को पता नहीं होगा कि इस कला को हम कहां तक ले जाने के लिए संकल्पित है।
कहा, बिहार से अब हो चुकी लालटेन युग की समाप्ति
बिहार में लालटेन युग की पूरी तरह समाप्ति हो गई है। लोग लालटेन युग में दहशत में जीते थे। शाम होते ही घर का दरवाजा बंद कर घर से बाहर नही निकलते थे। आज पूरे बिहार में उजाला ही उजाला है। 22 से चौबीस घंटे बिजली की पर्याप्त मात्रा में होने से बच्चों में शिक्षा के प्रति रूची बढ़ी है। सड़कों के गली-गली निर्माण से यातायाता व्यवस्था और सुगम हो गया है। लोग घंटों का सफर मिनटों में तय करते है। यही है बिहार का विकास।
चुनाव को लेकर चेताया, कहा हर धर्म का करें सम्मान
आगामी चुनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभा में मौजूद लोगों से कहा कि समाज में सदभावना का माहौल पैदा करें। किसी भी धर्म या कोई समुदाय के हो एक दूसरे का सम्मान होना चाहिए और शांति प्रेम के साथ रहे। इन दिनों लोग समाज में टकराव की बात कर रहे हैं। वैसे लोगों से बचने की जरूरत है। हम और हमारी सरकार लोगों को तोड़ने की नही जोड़ने की बात करते हैं।सात निश्चय योजना के तहत होने वाले कार्यों कि जानकारी के साथ स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड समेत अन्य योजनाओं कि जानकारी देते हुए कहा कि बिहार ज्ञान की भूमि है। शिक्षा सब के लिए अति आवश्यक है। सरकार शिक्षा में पढ़ने वाले छात्रों के लिए कई प्रकार कि आर्थिक योजनाएं लायी हैं।
इन्होंने भी किया सभा को संबोधित
इस अवसर पर पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, मंत्री विनोद नारायण झा, मंत्री महेश्वर हजारी, कपिलदेव कामत, कुष्ण कुमार, पूर्व विधान पार्षद संजय झा ने भी संबोधित किया।













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